जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में मौसम साफ होते ही बीआरओ ने रोहतांग बहाली का काम तेज कर दिया है। बीआरओ की टीम कोकसर और मढ़ी से रोहतांग की ओर बढ़ गई है। अब मात्र 22 किलोमीटर से ही बर्फ हटाना शेष है। मौसम ने साथ दिया तो अप्रैल अंत तक लाहौल-स्पीति रोहंताग से जुड़ जाएगा।
सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मनाली-लेह मार्ग बहाली कार्य इन दिनों युद्धस्तर पर चला है।
बीआरओ ने शुक्रवार को मनाली से 40 किलोमीटर दूर बंता मोड़ तक बर्फ हटा ली है। अब 70 आरसीसी को रोहतांग फतह करने के लिए केवल 11 किलोमीटर का सफर रहा है। वहीं कोकसर की ओर से रोहतांग बहाली की मुहिम को छेड़ते हुए बीआरओ की 94 आरसीसी की मशीन कोकसर से 9 किलोमीटर आगे राक्षीढांक के करीब पहुंच गई है। यहां से भी बीआरओ का सफर मात्र 11 किलोमीटर दूर है। अब मढ़ी और कोकसर दोनों छोर से केवल 22 किलोमीटर मार्ग पर बर्फ हटाने का काम शेष है। उधर, दारचा की ओर से बारालाचा होते हुए बीआरओ का एक दल सरचू की ओर बढ़ रहा है।
सरचू से बारालाचा के लिए मशीन लगा दी है। जनजातीय क्षेत्र को सड़क मार्ग से जोड़ने के लिए और लोगों की समस्या को देखते हुए बीआरओ ने लॉकडाउन के दौरान भी सड़क बहाली का कार्य जारी रखा है। रोहतांग दर्रे की बहाली में जुटे बीआरओ ने ब्यासनाला में आए हिमखंड को हटाने में कड़ी मशक्कत की और वीरवार देर शाम तक मढ़ी कैंप को मनाली से जोड़ दिया। बीआरओ कमांडर कर्नल उमा शंकर ने बताया कि मौसम खराब रहने से लक्ष्य प्रभावित हुआ है। फिर भी अप्रैल के तीसरे हफ्ते तक रोहतांग दर्रा बहाल करने का लक्ष्य है।