चुनाव आयोग ने जनजातीय लोगों को बड़ी राहत देते हुए निर्माणाधीन रोहतांग टनल से सैकड़ों वोटरों को आरपार कराया। रविवार को लगभग एक हजार लोग कुल्लू से लाहौल और करीब 200 लोग लाहौल से कुल्लू पहुंचे। रोहतांग दर्रा बहाल नहीं होने की सूरत में चुनाव आयोग ने 12 से 18 मई के बीच रोहतांग टनल होकर लोगों की आवाजाही को मंजूरी के लिए बीआरओ को पत्र लिखा था।
लोगों की सुविधा के लिए एचआरटीसी केलांग डिपो ने कुल्लू से साउथ पोर्टल और केलांग से नार्थ पोर्टल तक करीब एक दर्जन से अधिक बसों की विशेष सेवा दी। हालांकि, टनल के भीतर 8.8 किमी का सफर लोगों को बीआरओ के वाहन के जरिए करना पड़ा। इस दौरान विशेषकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल्लू से साउथ पोर्टल की तरफ आने वाले यात्रियों को बसों की कमी के कारण ठूंस-ठूंस कर भरा गया। अब तक इस साल में चौथी दफा निर्माणाधीन रोहतांग टनल होकर हजारों लोगों को आरपार किया जा चुका है।
वाहनों की आवाजाही के लिए अभी बंद है रोहतांग दर्रा
सहायक निर्वाचन अधिकारी अमर नेगी ने बताया कि वाहनों की आवाजाही के लिए रोहतांग दर्रा अभी बंद है। लिहाजा, कुल्लू और मनाली में फंसे मतदाताओं को रोहतांग टनल के जरिए लाहौल पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रोहतांग दर्रा बहाली के लिए अभी करीब 10 किमी के दायरे से बर्फ हटाना बाकी है। नेगी ने कहा कि टनल प्रबंधन के सहयोग से जिला प्रशासन रेफर किए मरीजों को प्राथमिकता के आधार पर टनल से कुल्लू पहुंचा रहा है।
नार्थ ओर साउथ पोर्टल तक विशेष बस सेवा शुरू
हिमाचल पथ परिवहन निगम (एचआरटीसी) के आरएम मंगल चंद मनेपा ने बताया कि रोहतांग टनल से आरपार होने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए निगम ने नार्थ ओर साउथ पोर्टल तक विशेष बस सेवा शुरू की है। उन्होंने कहा कि कुल्लू से साउथ पोर्टल के लिए आठ और केलांग से नार्थ पोर्टल के लिए 5 बसों को चलाया गया है। चुनाव आयोग, जिला प्रशासन और टनल प्रबंधन की इस पहल से कुल्ल-मनाली में फंसे हजारों जनजातीय मतदाताओं और बच्चों को बड़ी राहत मिली है।