विजिलेंस की टीम पर गाड़ी चढ़ाने का प्रयास करते हुए 25 हजार रुपये की घूस लेकर फरार होने वाले आरोपी एसएचओ नीरज राणा की गिरफ्तारी के लिए पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर हमीरपुर पुलिस ने एसआईटी गठित कर दी है। पुलिस मुख्यालय ने एसपी ऊना को निर्देश दिए हैं कि वह भी आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हमीरपुर पुलिस का पूरा सहयोग करें। आरोपी इंस्पेक्टर की संपत्तियों की जांच के लिए एसपी ईओडब्ल्यूडी और प्रवर्तन निदेशालय को भी ब्योरा भेजने को कहा है। इसके अलावा सभी जिलों में तैनात एसएचओ के सालाना संपत्ति के ब्योरे को भी जमा कराने की व्यवस्था करने के लिए कहा गया है।
25 हजार की घूस लेने के आरोपी एसएचओ नादौन रहे नीरज राणा के फरार होने के बाद डीजीपी ने सभी जिलों के एसपी, रेंज आईजी और एसएचओ के साथ वीसी के जरिये बैठक की। इस दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए उन्होंने सभी जिलों के एसपी को निर्देश दिए हैं कि वह किसी भी पुलिस अधिकारी को एसएचओ किसी नेता की सिफारिश पर न लगाएं, बल्कि मेरिट और उसकी कार्यशैली को तवज्जो दें। नियुक्ति से पहले पुलिस अधिकारी की 360 डिग्री रिव्यू करें, जिसमें उसके काम, निष्पक्षता, ईमानदारी आदि का पता किया जाए।
इस काम के लिए वह पूर्व एसपी से भी संपर्क कर सकते हैं। मुख्यालय अधिकारियों का एक पूल तैयार करेगा, ताकि अफसरों की नियुक्ति में जिलों के एसपी को मदद मिल सके। वहीं, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के रिक्त पदों को जल्द भरने का भी फैसला लिया गया है, ताकि जिलों के एसपी के पास नियुक्ति के लिए ज्यादा संख्या में अधिकारी चयन करने के लिए उपलब्ध करें। सूत्रों का कहना है कि आरोपी एसएचओ राणा को जिले के एक बड़े नेता की सिफारिश पर नादौन में तैनाती दी गई थी। इसके बाद अब सियासी सिफारिशों पर तैनाती को लेकर पुलिस मुख्यालय ने सख्त रुख अपनाया है।