फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सीएम वीरभद्र के आवास पर सीबीआई की छापेमारी

विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की बेटी मीनाक्षी की शादी के दिन शनिवार सुबह 8:00 बजे सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीएम के शिमला स्थित निजी आवास हॉली लॉज, रामपुर में पुश्तैनी महल (पद्म पैलेस) और दिल्ली में सरकारी घर समेत कुल 11 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। सीबीआई टीम साढ़े 11 घंटे तक वीरभद्र सिंह के घर पर डटी रही।
विज्ञापन


टीम घर में रखे सभी लैपटॉप कब्जे में लेकर और सारे सामान की लिस्ट बनाकर देर शाम 7:30 बजे दिल्ली लौट गई है। बताया जा रहा है कि तलाशी के दौरान टीम को करीब ढाई लाख रुपये नकद और पुश्तैनी गहने मिले हैं। टीम ने वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह और बेटे विक्रमादित्य सिंह से लंबी पूछताछ भी की।

25 अफसरों और कर्मचारियों की टीम ने की रेड

छापामारी के दौरान हॉली लॉज में मंत्री विद्या स्टोक्स, मुकेश अग्निहोत्री, ठाकुर सिंह भरमौरी, कर्नल धनी राम शांडिल, सुधीर शर्मा, विधानसभा अध्यक्ष बृज बिहारी लाल बुटेल और उपाध्यक्ष जगत सिंह नेगी भी मौजूद थे। डीआईजी सीबीआई के नेतृत्व में 25 अफसरों और कर्मचारियों की टीम हॉली लॉज पहुंची तो उस समय मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह बेटी के शादी समारोह में संकटमोचन मंदिर जाने की तैयारी कर रहे थे।

डीआईजी ने मुख्यमंत्री से कहा कि उनके खिलाफ शुक्रवार को सीबीआई ने मुकदमा दर्ज किया है। घर की तलाशी लेनी है। सर्च वारंट है। वीरभद्र ने कहा कि आज उनकी बेटी की शादी है। वे वहीं निकल रहे हैं। आप तसल्ली से घर को सर्च कर सकते हैं। चाबियों का गुच्छा देकर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह परिवार के साथ संकट मोचन मंदिर चले गए। शादी की रस्में निभाने के बाद मुख्यमंत्री मंदिर से करीब ग्यारह बजे लौटे।

जून 2015 में शुरू हुई थी प्रारंभिक जांच

सीबीआई ने जून 2015 में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह, उनकी पत्नी प्रतिभा सिंह, बेटे विक्रमादित्य सिंह, बेटी अपराजिता सिंह और एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की शिकायत पर प्रारंभिक जांच शुरू की थी।

6.1 करोड़ की आय पर जांच- सीबीआई ने यह जांच सीएम वीरभद्र सिंह की 6.1 करोड़ की आय पर उठे सवाल पर शुरू की, जिसका स्रोत स्पष्ट नहीं होने के आरोप थे। यह आमदनी वर्ष 2009 से 2011 के बीच की बताई जाती है, जब वीरभद्र सिंह केंद्रीय इस्पात मंत्री थे।

बगीचे से करोड़ों की आमदनी कैसे

मुख्यमंत्री पर आरोप हैं कि 6.1 करोड़ रुपये उनकी और उनके परिवार की जीवन बीमा पॉलिसी में निवेश किए गए। वीरभद्र सिंह की ओर से यह आमदनी सेब के बगीचे से हुई बताई गई है। लेकिन कुछ ही साल में सेब के बगीचे से आमदनी करोड़ों रुपये कैसे बढ़ गई, इस पहलू पर जांच चल रही है।

यू आर अनइनवाइटेड गेस्ट, बट बेटी की शादी है लंच तो कर लो- मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह हॉली लॉज में बेटी की शादी समारोह के मौके पर रिश्तेदारों और बारातियों को लंच करवा रहे थे। इसी दौरान उन्होंने सीबीआई के लोगों से कहा कि यू आर अनइनवाइटेड गेस्ट, बट बेटी की शादी है आप भी लंच कर लो।

हालांकि, सीबीआई की टीम ने लंच करने से इंकार कर दिया। मुख्यमंत्री के चेहरे पर कोई शिकन नजर नहीं आ रही थी, लेकिन इस बात का मलाल जरूर था कि बेटी की शादी के दिन ही उनके घर पर रेड की गई।

वीरभद्र के रामपुर पद्म पैलेस को भी खंगाला

वीरभद्र सिंह के रामपुर बुशहर स्थित पद्म पैलेस में भी सीबीआई और ईडी की छापामारी से सन्नाटा पसरा रहा। छापामारी के लिए आई टीमों ने अपनी गाड़ियों को महल परिसर में पार्क किया। महल का मुख्य गेट अंदर से बंद करके कई घंटों तक यहां रखे दस्तावेजों को खंगाला।

बताया जा रहा है कि यह काम देर रात तक चलना है। सीबीआई और ईडी की टीमें सुबह करीब साढ़े नौ बजे छापामारी के लिए पहुंच गई थीं। इससे स्थानीय पुलिस भी बेखबर थी। करीब दो दर्जन अधिकारी दिल्ली और पंजाब के नंबरों के पांच वाहनों में रामपुर पहुंचे। महल के मुख्य गेट को भीतर से बंद कर दिया।

कांग्रेसी नेताओं ने जमाए रखा डेरा

तीन इनोवा, एक डस्टर और एक जीप में टीम छापामारी के लिए पहुंची। मुख्यमंत्री के महल का मुख्य गेट बंद कर अधिकारी कई घंटे तक दस्तावेजों को खंगालते रहे। महल के साथ लगते मुख्यमंत्री के बेटे विक्रमादित्य सिंह के होटल के गेट के अंदर भी किसी को न आने देने की बात कही थी। पर, प्रबंधन ने कहा कि होटल में आने वाले अतिथियों को तो रोका नहीं जा सकता।

इसके बाद होटल तक लोग जा सके। छापामारी की सूचना मिलते ही कांग्रेसी नेता नगर परिषद अध्यक्ष दीपक सूद, एसआईडीसी के चेयरमैन अतुल शर्मा सहित कई अन्य नेता भी महल के बाहर डेरा जमाए रहे। डीएसपी सोमदत्त ने कहा कि उन्हें छापामारी की कोई सूचना नहीं है।

सीएम के साथ आए मंत्री, विपक्ष ने मांगा इस्तीफा

सीएम वीरभद्र के खिलाफ एकाएक हुई इस कार्रवाई के बाद सरकार के कई बड़े मंत्री सीएम के साथ खड़े हो गए हैं। इस मामले को लेकर कई नेता मीडिया से भी रूबरू हुए हैं। कांग्रेस मंत्रियों ने इस कार्रवाई को गलत बताया है। साथ ही इसे भाजपा सरकार के इशारों पर की कार्रवाई करार दिया है। वहीं, भाजपा ने सीएम को घेरते हुए उनसे इस्तीफे की मांग कर डाली है।

भाजपा का कहना है कि सीएम को नैतिकता के आधार पर इस्तीफा दे देना चाहिए ताकि मामले की निष्पक्ष जांच हो सके। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सती का कहना है कि सीबीआई की ये कार्रवाई स्वागत योग्य है। उन्होंने कहा कि जनता इस कार्रवाई का इंतजार कर रही थी। सीएम को तुरंत इस्तीफा दे देना चाहिए। उधर, माकपा नेता राकेश सिंघा का कहना है कि आरोप सिद्घ होने पर सीएम को इस्तीफा देना चाहिए। अभी इसकी जरूरत नहीं।
विज्ञापन

बाली बोले, सरकार को नहीं कोई खतरा

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के घर हुई छापेमारी पर परिवहन मंत्री ने कहा कि इससे हिमाचल सरकार को कोई खतरा नहीं है। पत्रकारों से बात करते हुए बाली ने कहा कि राजनीति षडयंत्र के तहत सीएम के घर पर छापेमारी की गई है। रेड की आशंका पहले ही हो चुकी थी। मगर इससे कुछ खास होने वाला नहीं है।

गौरतलब है कि रेड की भनक को लेकर सरकार शुक्रवार को ही चौकस हो गई थी। बाकायदा सीएम और उनके मंत्रियों ने केंद्र पर आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। बाली ने कहा कि शिमला में कल सीएलपी की बैठक भी होगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें