अंक देने का प्रारूप ही तैयार नहीं कर पाया है एचपीयू का शारीरिक शिक्षा विभाग
विद्यार्थियों को झेलनी पड़ रही परेशानी, राहत की मांग
अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से बैचलर ऑफ फिजिकल एजुकेशन (बीपीएड) कोर्स कर रहे दो निजी कॉलेजों के छात्रों का पहले सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम डेढ़ साल बाद भी घोषित नहीं हो पाया है। छात्र कई बार विवि प्रशासन से आग्रह कर चुके हैं लेकिन अभी तक इस बाबत कोई कदम नहीं उठाए गए। विद्यार्थी तीसरे सेमेस्टर में पहुंच चुके हैं।
विश्वविद्यालय के परीक्षा विंग को शारीरिक शिक्षा विभाग ने अभी तक अंक विभाजन को लेकर कोई प्रारूप नहीं दिया है, जिससे यह परीक्षा परिणाम लटका पड़ा है। यह प्रारूप पाठ्यक्रम तय करने वाला विभाग ही परीक्षा विंग को उपलब्ध करवाता है। इसमें बताया जाता है कि थ्योरी, प्रेक्टिकल और अन्य गतिविधियों के कितने अंक (क्रेडिट) दिए जाने हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए विवि के शारीरिक शिक्षा विभाग के स्तर पर देरी हुई है।
बीपीएड कोर्स के पाठ्यक्रम को बदले जाने और इसमें क्रेडिट सिस्टम लागू करने के बाद तय ही नहीं किया कि थ्योरी, प्रेक्टिकल और ग्राउंड आदि के कितने अंक (क्रेडिट) छात्रों को दिए जाने हैं। इसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है। बीपीएड कोर्स की सेमेस्टर परीक्षाएं समय पर होती हैं लेकिन डिटेल मार्क्स सर्टिफिकेट तैयार करने को विभाग की ओर से परीक्षा विंग को अब तक अंकों (क्रेडिट्स) का ब्योरा मंजूर करके नहीं भेजा गया है।
अंकों का प्रारूप मिलते ही
जारी करेंगे परीक्षा परिणाम
हिमाचल विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने कहा कि क्रेडिट सिस्टम के तहत अंक विभाजन का विस्तृत ब्योरा विभाग से मिलते ही परिणाम तैयार कर जारी कर देंगे। शारीरिक शिक्षा विभाग से इसकी मांग लगातार की जा रही है।