लद्दाख की गलवां घाटी में देश के 20 जवानों की शहादत के बाद चीन को सबक सिखाने के लिए सामान के बहिष्कार अभियान के बीच देवभूमि हिमाचल में भी इसका असर देखा जा रहा है। चीन में बने खिलौनों और अन्य सजावटी सामानों की बिक्री में भारी गिरावट आई है। हालांकि, विकल्प न मिलने की वजह से वीबो, एमआई और रेडमी जैसे मोबाइल फोन की मांग अब भी बरकरार है। वहीं, चीन सीमा से सटे किन्नौर के पूह, नमज्ञा और सांगला में चीनी मोबाइल और सामान का पूरी तरह से बहिष्कार किया गया है। यहां दुकानदार न चीन का सामान मंगवा रहे और न ही लोग मांग कर रहे हैं।
राजधानी शिमला में चीनी उत्पादों की खरीदारी में भारी गिरावट आई है लेकिन मोबाइल फोन पहले की तरह बिक रहे हैं। शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह कहते हैं कि शहर में चीन के मोबाइल फोन की मांग पहले जैसी ही है। विकल्प न होने के कारण ग्राहक इनकी मांग कर रहे हैं। कारोबारी चाहते हैं कि चीन में बने उत्पादों का बहिष्कार हो लेकिन इसके लिए केंद्र सरकार को देश भर में इस पर रोक लगानी चाहिए। शिमला के कारोबारी भी इसमें साथ देंगे।