इंटरनेट और ऑनलाइन खबरों तथा पुस्तकों के युग में यह आश्चर्य है। शिमला के गेयटी थियेटर में अखिल भारतीय गायत्री परिवार के संस्थापक श्रीराम शर्मा आचार्य की लिखी पुस्तकों की धूम मची है। युग ऋषि के नाम से विख्यात श्रीराम शर्मा की कलम से निकले युग साहित्य के प्रति दीवानगी का आलम यह है कि दो दिन के भीतर ही 60 हजार से अधिक के मूल्यों की किताबें बिक चुकी हैं।
किताबों का मूल्य 4 रुपये से लेकर 400 रुपये तक है। इनमें प्रकृति का अनुसरण 4 रुपये, घरेलू चिकित्सा 9 रुपये, प्रेरणा पद गाथाएं 31 रुपये और वेदों पर भाष्य से संबंधित टाइटलों की किताबें करीब 400 रुपये तक की हैं। यह आयोजन मुद्रित शब्द पर संकट की बात करने वालों के लिए आइना दिखाने का काम कर रहा है।
शुक्रवार से शुरू हुए गायत्री परिवार के पुस्तक मेले में उमड़ी भीड़ और पुस्तकों के खरीददारों की ललक बताती है कि जीवन के लिए उपयोगी किताबों की अहमियत किसी भी समय में कम नहीं होगी। बेशक वो समय इंटरनेट और ऑनलाइन रीडिंग मैटीरियल का ही क्यों न हो? शिमला के गेयटी थियेटर में शुक्रवार को गायत्री परिवार हरिद्वार की तरफ से पुस्तक मेले का शुभारंभ हुआ है। यहां आचार्य श्रीराम शर्मा की लिखी किताबें उपलब्ध हैं।