आप लोगों को मैं भूल जाऊं, यह हो नहीं सकता और आप लोग मुझे भूल जाओ यह मैं होने नहीं दूंगा। जी हां, अपनी सुपरहिट फिल्म धड़कन का यह डॉयलाग जब लोगों ने सुनील शेट्टी से सुना तो पूरा खेल स्टेडियम तालियों और सीटियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
मौका था हमीरपुर में चल रहे राज्य ओलंपिक खेलों के समापन का। बॉलीवुड स्टार और मुंबई हीरोज क्रिकेट टीम के कप्तान सुनील शेट्टी भी विशेष तौर पर पधारे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य ओलंपिक खेलों के अभियान की शुरुआत हुई तो अनुराग ठाकुर ने उनसे कहा था कि वे हिमाचल में भी राज्य खेलें करवा रहे हैं। इस पर उन्होंने अनुराग ठाकुर से हिमाचल आने के लिए हामी भर दी।
बोले- अनुराग ने जो कर दिखाया, वह गजब
कहा कि कभी किसी ने सोचा नहीं था कि देश में स्टेट ओलंपिक भी होता है। अनुराग ने जो कर दिखाया, वह गजब है। यह सोच दिखाती है कि हम राजनीति में रहकर क्या नहीं कर सकते। उन्होंने खेलेगा हिमाचल और जीतेगा हिमाचल स्लोगन को साबित कर दिखाया है।
अब कहना पड़ेगा कि खेला युवा और जीता हिमाचल। मैदान में बैठा हर खिलाड़ी चैंपियन है। देश के कोने-कोने में इस ओलंपिक खेलों की चर्चा है। उन्होंने कहा कि जब तक आप आने बच्चों को खेल के लिए प्रोत्साहित नहीं करेंगे, वह आलराउंडर इंसान बनकर कभी नहीं उभरेंगे।
कहा- जब भी खेलों के लिए बुलाएंगे, आता रहूंगा
उन्होंने कहा कि अनुराग केवल एक राजनेता ही नहीं, बल्कि पॉजिटिव इंसान भी हैं। खेलेगा युवा जीतेगा देश, जीतेगा इंडिया स्लोगन होना चाहिए।
हमारे प्रधानमंत्री की सोच है कि बच्चे खेलें और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करें। कहा कि मैं खेलों और खिलाड़ियों का बहुत बड़ा प्रशंसक हूं। मुझे जब भी खेलों के लिए बुलाएंगे, आता रहूंगा।
श्रेष्ठ खिलाड़ियों से मुकाबला करने में हिमाचल सक्षम: अनुराग
राज्य ओलंपिक खेलों के समापन पर संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कहा कि इस चार दिवसीय खेलों में खिलाड़ियों के मनोबल से स्पष्ट हो गया हे कि हिमाचल श्रेष्ठ खिलाड़ियों के साथ मुकाबला करने में सक्षम है। कहा कि वे वीर सैनिकों, खिलाड़ियों और कलाकारों का दिल से सम्मान करते हैं।
अनुराग ने बताया कि इन गेम्स में प्रदेश के लगभग पचास हजार युवाओं को जुड़ने, ओलंपिक रन टॉर्च का हिस्सा बनने और प्रदेश के 11 जिलों से 1100 खिलाड़ियों को खेलने और अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका मिला है।
कहा कि यह यात्रा चल हिमाचल खेल, हिमाचल और खेलेगा हिमाचल, जीतेगा हिमाचल के नारे के साथ शुरू की गई थी। इस आयोजन में प्रदेश के युवाओं की अत्यधिक भागेदारी से तय है कि युवाओं ने खेलों के उज्ज्वल भविष्य की और हमारे साथ चलने का फैसला किया है।
प्रतिभा निखारने को अनुराग बधाई के पात्र: धूमल
पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि हिमाचल ओलंपिक खेलों से हिमाचल में छिपी खेल प्रतिभाओं को खेलने और प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ा मंच मिला है। इसके लिए ओलंपिक संघ और अनुराग ठाकुर बधाई के पात्र हैं।
कहा कि प्रदेश के युवा किसी क्षेत्र में भी पीछे नहीं हैं। देश की सुरक्षा में लगे अनगिनत वीर सैनिक देश का नाम रोशन कर रहे हैं। खेलों के इस महाकुंभ से उन्हें विश्वास है कि अब खिलाड़ियों की संख्या में भी बढ़ोतरी होगी।
हमीरपुर में हिमाचल ओलंपिक खेलों का समापन
हमीरपुर में आयोजित हिमाचल ओलंपिक खेलों का शानदार सांस्कृतिक और आतिशबाजी कार्यक्रम के साथ रविवार को समापन हो गया। समापन पर बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी, अर्जुन अवार्डी एवं अंतरराष्ट्रीय शूटर शमरेश जंग आकर्षण का केंद्र रहे। अंतरराष्ट्रीय शूटर
शमरेश जंग खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए पहुंचे थे। पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने राज्य ओलंपिक खेलों में विजेता खिलाड़ियों को स्वर्ण, कांस्य और रजत पदक से नवाजा। उन्होंने हौसला बढ़ाते हुए अन्य खिलाड़ियों को भी अपना खेल निखारने और अधिक मेहनत करने का संदेश दिया।
बॉलीवुड स्टार सुनील शेट्टी और अंतरराष्ट्रीय शूटर शमरेश जंग भी पहुंचे
समापन पर कुल्लू से आए कलाकारों ने कुल्लवी नाटी से हिमाचली संस्कृति का प्रदर्शन किया। एचपीयू के छात्रों द्वारा प्रस्तुत नाटक में कलाकारों ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। सुप्रसिद्ध हाई जेकर्स बैंड ने भी धमाकेदार प्रस्तुति दी। हाई जेकर्स बैंड ने वंदे मातरम गीत
से उपस्थित दर्शकों में देशभक्ति की लौ जगाई। चार दिन तक चली हिमाचल ओलंपिक खेलों ने साबित कर दिया कि हिमाचल में प्रतिभावान खिलाड़ियों की कमी नहीं है। हिमाचल ओलंपिक में खेले गए सभी 11 खेलों में प्रदेश से ग्यारह जिलों के खिलाड़ियों ने भाग लिया।
ओवर ऑल कुश्ती स्पर्धा में मंडी अव्वल
हिमाचल ओलंपिक के तीसरे और अंतिम दिन खिताबी मुकाबलों में खिलाड़ियों ने अपने खेल का बेहतरीन प्रदर्शन कर सबको दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया। ओवर ऑल कुश्ती प्रतियोगिता में मंडी पहले, ऊना दूसरे और बिलासपुर तीसरे स्थान पर रहा। जूडो लड़कों की प्रतियोगिता में पहले स्थान पर ऊना, दूसरे स्थान पर शिमला और तीसरे स्थान पर हमीरपुर की टीम रही।
रविवार को हुए मुकाबलों में हॉकी में लड़कियों के फाइनल में मंडी ने हमीरपुर को 3-1 से हराया। लड़कों की हॉकी फाइनल में ऊना पहले और हमीरपुर दूसरे नंबर पर रही। कबड्डी लड़कों के मुकाबलों में कांगड़ा की टीम पहले और मंडी टीम दूसरे स्थान पर रही। लड़कों की प्रतियोगिता में सोलन की टीम पहले और शिमला की टीम दूसरे स्थान पर रही। बास्केटबाल के फाइनल मुकाबले में लड़कियों के मैच में कांगड़ा की टीम पहले और हमीरपुर की टीम दूसरे स्थान पर रही।
वहीं लड़कों के मैच में ऊना की टीम पहले और हमीरपुर की टीम दूसरे स्थान पर रही। भारोत्तोलन खेल के फाइनल मुकाबलों में 56 किग्रा वर्ग में सोलन के विक्रमजीत पहले, हमीरपुर के सलमान दूसरे और शिमला के जगमोहन सेना तीसरे स्थान पर रहे। 62 किलो वर्ग में कांगड़ा के अनिल पहले, हमीरपुर के सौरभ दूसरे और ऊना के तरुण तीसरे स्थान पर रहे।
69 किलो वर्ग में कांगड़ा के निर्मल सिंह पहले, कांगड़ा के ही अभिषेक सुदान दूसरे और हमीरपुर के रोहित ठाकुर तीसरे स्थान पर रहे। 77 किलो वर्ग में सोलन के निमा सैनी पहले, सोलन के सोमदत्त दूसरे और शिमला के साहिल तीसरे स्थान पर रहे। 85 किलो वर्ग में हमीरपुर के सचिन पहले, सोलन के दीपक दूसरे, शिमला के मनविंदर तीसरे स्थान पर रहे।
85 प्लस वर्ग में हमीरपुर के विकास पहले, चंबा के कल्याण दूसरे और सोलन के लखवीर तीसरे स्थान पर रहे। लड़कियों के मुकाबलों में 48 वर्ग में कांगड़ा की मनीषा कुमारी पहले, मंडी की स्वाति दूसरे और ऊना की प्रीती राणा तीसरे स्थान पर रही। 53 किग्रा वर्ग में कांगड़ा की सबबी चौहान पहले, चंबा की सोनिया दूसरे, और ऊना की वंदना तीसरे स्थान पर रही।
58 किग्रा वर्ग में कांगड़ा की प्रिय देवी पहले, हमीरपुर की राज कुमारी दूसरे और ऊना की काजल तीसरे स्थान पर रही। 58 प्लस वर्ग में ऊना की रेखा रानी पहले, शिमला की मनीषा शर्मा दूसरे और रक्षा तीसरे स्थान पर रही। खो-खो की प्रतियोगिता में लड़कों के मैच में मंडी की टीम ने हमीरपुर की टीम को हराया।
इस तरह पहले स्थान पर मंडी, दूसरे स्थान पर हमीरपुर और तीसरे स्थान पर सोलन की टीम रही। लड़कियों की खो-खो प्रतियोगिता में मंडी ने सिरमौर की टीम को फाइनल में हराया। पहले स्थान पर मंडी, दूसरे पर सिरमौर और तीसरे पर सोलन की टीम रही। कुश्ती के शनिवार को हुए मुकाबलों में लड़कों के मैच हुए जिनमें 57 किलो वर्ग में कांगड़ा के सुरजन पहले, बिलासपुर के पूर्व दूसरे और मंडी के रोहित और ऊना के मोहित तीसरे स्थान पर रहे।
61 किलो वर्ग में ऊना के गौरव पहले, सोलन के गगन दूसरे और बिलासपुर के सुनील व मंडी के राहुल तीसरे स्थान पर रहे। 66 किग्रा वर्ग में मंडी के सोहन सिंह पहले, ऊना के बलबीर दूसरे और बिलासपुर के अमित व सोलन के मुस्तीन तीसरे स्थान पर रहे। 74 किलो वर्ग में मंडी के अजय पहले, हमीरपुर के प्रशांत दूसरे और मंडी के तिलक राज व हमीरपुर के पंकज तीसरे स्थान पर रहे।
84 किलो वर्ग में ऊना के प्रिंक्ल पहले, बिलासपुर के तेज सिंह दूसरे और मंडी के तिलक राज व हमीरपुर के पंकज तीसरे स्थान पर रहे। 97 किलो वर्ग में मंडी के गोपाल पहले, सोलन के आदित्य दूसरे और ऊना के शैरी व हमीरपुर के राज कुमार तीसरे स्थान पर रहे। वालीबॉल के फाइनल मुकाबले में लड़कियों के मुकाबले में कांगड़ा की टीम हमीरपुर को हरा कर पहले स्थान पर और लड़कों के मैच में शिमला की टीम ने रोचक मैच में मंडी को हरा कर पहले स्थान प्राप्त किया।
जूडो के फाइनल मुकाबलों में लड़कों के मैच में 50 किलो वर्ग में शिमला के वीजा पहले, ऊना के अभिनव दूसरे और कुल्लू के अंकित व हमीरपुर के अभिषेक तीसरे स्थान पर रहे। 55 किलो वर्ग में शिमला के हिृद्यांश पहले, ऊना के विकास नेगी दूसरे और हमीरपुर के शुभम व मंडी के उमेश तीसरे स्थान पर रहे।
60 किलो वर्ग में ऊना के हार्दिक धांता पहले, हमीरपुर के विकास ठाकुर दूसरे और मंडी के सुनील व हमीरपुर के विकास तीसरे स्थान पर रहे। 66 किलो वर्ग में ऊना के विश्वजीत पहले, शिमला के संजय दूसरे और कुल्लू के साहिल व हमीरपुर के अभिषेक तीसरे स्थान पर रहे।
73 किलो वर्ग में ऊना के मनीष पहले, शिमला के पवन दूसरे और कुल्लू के सुमित व हमीरपुर के अभिषेक तीसरे स्थान पर रहे। 81 किलो वर्ग में हमीरपुर के तरुण पहले, बिलासपुर के पंकज दूसरे, मंडी के रविंद्र और ऊना के रोहित तीसरे स्थान पर रहे। 81 प्लस वर्ग में ऊना के रोहित कुमार पहले, बिलासपुर के तेज सिंह दूसरे और कुल्लू के अविनाश व हमीरपुर के किशन कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
हमीरपुर ने जीते सबसे अधिक मेडल
राज्य ओलंपिक गेम्स में सबसे अधिक मेडल हमीरपुर ने जीते। हमीरपुर ने 7 स्वर्ण पदक, 22 रजत पदक और 21 कांस्य पदक जीते। शिमला ने 18 स्वर्ण, 9 रजत और 10 कांस्य पदक जीते। कांगड़ा ने 10 स्वर्ण, 4 रजत और 10 कांस्य पदक जीते। ऊना ने 11 स्वर्ण, 4 रजत और 10 कांस्य पदक जीते।
चंबा ने 4 रजत और 2 कांस्य पदक जीते। सोलन ने 5 स्वर्ण, 6 रजत और 8 कांस्य पदक, मंडी ने 15 स्वर्ण, 6 रजत और 17 कंस्य पदक जीते। बिलासपुर ने 4 स्वर्ण, 8 रजत और 13 कांस्य पदक जीते। कुल्लू ने 2 स्वर्ण, 8 रजत और 12 कांस्य पदक जीते। किन्नौर ने 6 स्वर्ण, 4 रजत और 6 कांस्य पदक जीते। सिरमौर ने तीन स्वर्ण और 4 कांस्य पदक जीते।