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धर्मशाला: पंजाब के मशहूर गायक की करेरी झील के पानी में बहकर मौत

Wed, 14 Jul 2021 06:21 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला

सार

तेज बारिश के कारण पानी का बहाव बढ़ जाने से मनमीत सिंह इसकी चपेट में आ गए और बह गए। इस दौरान उनके भाई और दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की कोशिश की।
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पंजाबी गायक मनमीत सिंह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पंजाब के मशहूर सूफी गायक मनमीत सिंह की करेरी झील में भारी बारिश के कारण आए पानी में बहकर मृत्यु हो गई। है मंगलवार देर शाम को स्थानीय लोगों व रेस्क्यू टीम की मदद से मनमीत सिंह के शव को बरामद किया गया है। जानकारी के अनुसार शनिवार को मनमीत सिंह अपने भाई कर्णपाल और चार दोस्तों के साथ पर्यटन नगरी धर्मशाला घूमने आए थे। रविवार को वे सभी करेरी लेक घूमने गए थे, मगर तेज बारिश के कारण पानी का बहाव बढ़ जाने से मनमीत सिंह इसकी चपेट में आ गए और बह गए। इस दौरान उनके भाई और दोस्तों ने उन्हें ढूंढने की कोशिश की, लेकिन पानी का बहाव ज्यादा होने के कारण वे उनकी तलाश नहीं कर पाए।

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वहीं, मोबाइल फोन का सिग्नल न होने के कारण उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद ली और ग्रामीणों ने इस बारे में जिला प्रशासन को सूचित किया। मंगलवार शाम को रेस्क्यू टीम ने मनमीत सिंह के शव को बरामद कर पुलिस के हवाले कर दिया था। उधर, एसपी कांगड़ा विमुक्त रंजन ने बताया कि अमृतसर (पंजाब) के रहने वाले मनमीत सिंह अपने भाई कर्णपाल व चार दोस्तों के साथ धर्मशाला आए थे। रविवार को वे सभी करेरी लेक घूमने गए थे, मगर वहां तेज बारिश होने के कारण पानी का बहाव बढ़ जाने के कारण मनमीत सिंह बह गए। एसआई बचन सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम को शव बरामद कर लिया था। शव को रात तीन बजे जोनल अस्पताल धर्मशाला के शव गृह में रखा गया था। बुधवार सुबह पोस्टमार्टम करवाने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।

दिसंबर से मार्च-अप्रैल तक बर्फ से ढकी रहती है करेरी झील
करेरी झील अक्सर दिसंबर से मार्च-अप्रैल तक बर्फ से ढकी रहती है। झील के पास पहाड़ी पर भगवान शिव और शक्ति को समर्पित एक मंदिर है। करेरी झील को कुमारवा झील के नाम से भी जाना जाता है। झील धर्मशाला से 9 किलोमीटर दूर पहाड़ पर है जो समुद्रतल से 2934 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। झील पर पर्यटक घूमने के अलावा ट्रैकिंग के लिए भी आते हैं। झील में पानी बर्फ पिघलने से इकट्ठा होता है। कांगड़ा जिला में घूमने के लिए आने वाले ज्यादातर पर्यटक त्रियुंड या इंद्रहार पास में ट्रैकिंग के लिए आते हैं। लेकिन, करेरी झील भी धीरे-धीरे बड़ा पर्यटन स्थल बनती जा रही है। करेरी झील तक पहुंचने में करीब 5 से 6 घंटे का पैदल रास्ता है। झील तक जाने के लिए करेरी गांव से ट्रैक शुरू होता है।
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छात्रा-मुख्याध्यापक समेत छह और के शव मिले, पांच अभी लापता, रातभर टापू में फंसे रहे आधा दर्जन लोग
एनडीआरएफ और प्रशासन ने मंगलवार को मलबे में दबे और पानी में बहे 6 शव बरामद किए। कांगड़ा जिले में सोमवार को भारी बारिश से तबाही के बाद एनडीआरएफ ने दूसरे दिन भी रेस्क्यू अभियान चलाया। शाहपुर उपमंडल की वोह घाटी के रुमेहड़ गांव में मलबे से 22 से 31 घंटों के बीच चार और शव निकाले गए। एक शव सोमवार को निकाला गया था। डीसी कांगड़ा निपुण जिंदल ने बताया कि अभी पांच लोगों के दबे होने की आशंका है।

जिनके शव निकाले गए, उनमें शकुंतला देवी पत्नी प्रकाश चंद, भीम सिंह की पत्नी मस्तों, बेटी ममता, बेटा कार्तिक और शिव प्रसाद पुत्र सुभाष शामिल है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने गांव का हवाई और जमीनी जायजा लिया। उन्होंने पीड़ितों कहा कि सरकार बेघर हुए परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था करेगी और मृतकों के परिवार वालों को 4-4 लाख रुपये मुआवजा मिलेगा।

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उधर, मनाली के हामटा डैम साइट में नाले में गिरने से लापता एमबीबीएस छात्रा का शव बरामद कर लिया गया है, वहीं लाहौल के उदयपुर में चंद्रभागा नदी में गिरी गाड़ी में सवार मुख्याध्यापक का शव भी 22 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ढूंढ निकाला। सिरमौर में पांवटा साहब के तहत बांगरन गांव के पास गिरि नदी में बने टापू में फंसे 3 साल की बच्ची समेत 6 लोग प्रशासन की रेस्क्यू टीम ने 10 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद निकाले।

प्रदेश में सोमवार को हुई बारिश के बाद मंगलवार को भी एक नेशनल हाइवे सहित 110 सड़कों पर यातायात ठप रहा। 266 बिजली ट्रांसफार्मर और 211 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। रोहतांग सहित लाहौल की ऊंची चोटियों पर बर्फ के फाहे गिरे। प्रशासन ने कहा कि शाम चार बजे के बाद लेह जाने वाले सभी वाहनों को लाहौल के जिस्पा के आगे नहीं जाने दिया जाएगा। भूस्खलन की घटनाओं के बीच पर्यटकों के लिए उन सभी अति संवेदनशील स्थानों पर जाने पर रोक है। मुख्यमंत्री ने सभी डीसी और एसपी को इसके आदेश जारी कर दिए हैं। 

आज और कल भारी बारिश का येलो अलर्ट 
प्रदेश भर में बुधवार और वीरवार को भारी बारिश का येलो अलर्ट है। 17 जुलाई को शिमला, सोलन, सिरमौर, मंडी, कुल्लू और चंबा में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। पूरे प्रदेश में 19 जुलाई तक मौसम खराब बना रहने का पूर्वानुमान है।
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