युवाओं ने बाइक रैली के जरिये निखिल को अमर रहे के नारों से अंतिम विदाई दी। इसके बाद निखिल की पार्थिव देह को सेना के वाहन में ही हथली खड्ड के मोक्षधाम तक लाया गया, जहां भारतीय थल सेना के ब्रिगेडियर एमएस बैंस, कर्नल अजय कुमार, लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण गांधी, कैप्टन साहिल कुमार, नायब तहसीलदार जगदीश चंद, अन्य अधिकारियों, निखिल के पिता दलेर सिंह और ताया देवी दत्त ने पुष्प चक्र अर्पित करके श्रद्धांजलि दी। कैप्टन साहिल कुमार ने निखिल कुमार के पिता दलेर सिंह को राष्ट्रीय ध्वज सौंपा तथा सैन्य टुकड़ी ने हवा में फायर करके निखिल को अंतिम विदाई दी। निखिल के भाई अखिल डढवाल ने मुखाग्नि दी।
पिता बोले-कभी नहीं लगा, बेटा परेशान है, भाई ने मांगा इंसाफ
निखिल के पिता दिलेर सिंह ने कहा कि बेटे से हर दिन बात होती थी। कभी ऐसा नहीं लगा कि उसे कोई परेशानी है। वह हमेशा खुश होकर बात करता था। बेटे की मौत कैसे हुई है अभी तक उन्हें कुछ नहीं बताया गया। निखिल के भाई अखिल का कहना है कि 16 जुलाई को छोटे भाई से बात हुई थी। कभी भी निखिल ने कोई परेशानी के बारे में बात नहीं। उन्होंने कहा कि भाई को इंसाफ मिलना चाहिए। बीते बुधवार को निखिल की मौत राइफल से गोली लगने से हो गई थी। गोली कैसे चली है, इसे लेकर अभी तक परिजनों को सेना की ओर से आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है।