वह स्पष्ट कर चुके हैं कि अगर सरकार के पास कोठी नहीं है तो वह एमएलए क्वार्टर में रहने को तैयार हैं। उधर, सचिवालय सामान्य प्रशासन सचिव आरएन बत्ता ने बताया कि नियमों और शर्तों के मुताबिक ही अध्यक्षों और उपाध्यक्षों को आवासों का आवंटन होता है। यह देखना होगा कि नियम क्या कहते हैं।
प्रदेश सरकार की ओर से अभी और अध्यक्ष-उपाध्यक्ष बनाए जाने हैं। सूत्र बताते हैं कि सरकार की ओर से एक और लिस्ट जारी होने से पहले नवनियुक्त अध्यक्ष-उपाध्यक्ष सरकारी आवास पा लेना चाहते हैं।
जीएडी नहीं देगा वाहन
जीएडी निगमों-बोर्डों के उपाध्यक्षों को वाहन नहीं देगा। इन उपाध्यक्षों की जिस निगम और बोर्ड में तैनाती हुई है, वही इन्हें वाहन उपलब्ध कराएंगे।