एसएसपी ने सभी एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को दिए रात्रि गश्त बढ़ाने के निर्देश, एक हफ्ते में पकड़े हैं दो मामले
विज्ञापन
रामपुर और नोगली में शराब की 290 बोतलें बरामद अमर उजाला ब्यूरो
शिमला। जिले में तीन चरणों में होने वाले नगर निकाय और पंचायत चुनाव में शराब की तस्करी को रोकने के लिए जिला पुलिस अलर्ट मोड पर आ गई है। चुनाव की आड़ में होने वाली शराब की तस्करी को रोकने के लिए एसएसपी शिमला ने सख्त निर्देश जारी किए हैं।
उन्होंने सभी एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को निर्देश जारी करते हुए नाकाबंदी और रात्रि गश्त बढ़ाने को कहा है। पिछले एक हफ्ते में ही पुलिस ने रामपुर और नोगली में 290 देसी और अंग्रेजी शराब की बोतलें बरामद की हैं। दोनों ही मामलों में आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है। जिले की सीमाओं पर भी रात के समय नियमित रूप से वाहनों की गहनता से जांच की जा रही है जिससे बाहर से आने वाली अवैध शराब की सप्लाई को रोका जा सके और तस्करी करने वालों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। इसके अलावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी संबंधित थानों को नियमित नाकाबंदी और गश्त करने के लिए कहा। पंचायत चुनाव में मतदाताओं को लुभाने के लिए कई बार उम्मीदवारों पर शराब बांटने के आरोप लगते रहते हैं। इसको देखते हुए पुलिस विभाग ने चुनाव से ठीक पहले सख्ती बढ़ा दी है।
इनसेट पांच जिलों से लगती है सीमा
जिला शिमला की कुल्लू, मंडी, किन्नौर, सोलन और सिरमौर जिले से सीमाएं लगती हैं। इसके अलावा चौपाल और जुब्बल का काफी लंबा क्षेत्र उत्तराखंड राज्य से भी सटा है। इसको देखते हुए पुलिस ने फेडिज पुल, कुड्डु बैरियर में वाहनों की नियमित जांच के लिए टीमों की तैनाती की है। यहां से सामान्य दिनों में भी नशा तस्करी समेत अन्य अवैध गतिविधियों के मामले सामने आते रहते हैं। इसको देखते हुए उत्तराखंड राज्य से सटे इन क्षेत्रों में पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। एसएसपी गौरव सिंह ने बताया कि पंचायत चुनाव के लिए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है। सभी एसडीपीओ और थाना प्रभारियों को नाकाबंदी के साथ ही शराब समेत अन्य मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए रात्रि गश्त करने के लिए कहा है।