हिमाचल में संगठन को मजबूत करने और बूथ पर पकड़ बढ़ाने के लिए भाजपा ने अपने शक्ति केंद्रों को निरस्त कर दिया है। इनके स्थान पर अब पहली बार शहरी एवं ग्राम केंद्र बनाए जा रहे हैं। पार्टी ने इसके लिए संविधान में भी संशोधन किया है।
पहले एक शक्ति केंद्र में अधिकतम 15 बूथ तक लिए जाते थे। लेकिन नए शहरी या ग्राम केंद्रों में 3 से 5 बूथ ही लिए जा सकेंगे। नए फार्मूले के तहत अब 47 लाख वोटरों के इस प्रदेश में भाजपा के 7382 बूथ होंगे। इन पर करीब 1900 शहरी एवं ग्राम केंद्र बनेंगे।
एक और नया फार्मूला भाजपा लागू कर रही है। पहली बार वोटर लिस्ट के अनुसार पन्ना प्रभारी लगाए जा रहे हैं। 7382 बूथों में औसतन 640 वोटर प्रति बूथ होंगे। मतदाता सूची पर एक पेज पर करीब 30 वोटर फोटो सहित होते हैं।
इन 30 वोटरों के लिए एक पन्ना प्रभारी यानी पेज इन्चार्ज होगा। शर्त ये है कि पन्ना प्रभारी वही व्यक्ति हो सकेगा, जिसका संबंधित पन्ने पर अपना भी वोट हो। कार्यकर्ताओं को नई प्रक्रिया समझाने के लिए प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती और प्रदेश संगठन महामंत्री पवन राणा आजकल प्रदेश के हर मंडल में घूम रहे हैं।
युवा वर्ग को अपने साथ जोड़ने के लिए पार्टी जल्द ही ई-मेंबरशिप अभियान शुरू करने जा रही है। ऑनलाइन सदस्य बनने के लिए कोई मेंबरशिप फीस नहीं देनी होगी। ये फार्मूला नए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने दिया है।
प्रदेशाध्यक्ष भाजपा सतपाल सिंह सत्ती ने कहा कि हम ‘अपना बूथ सबसे मजबूत’ नीति पर काम कर रहे हैं। पन्ना प्रभारी बनाने की योजना प्रदेश इकाई की है। ग्राम एवं शहरी केंद्रों के पुनर्गठन के बाद इस रणनीति के रिजल्ट आगामी चुनावों में दिखेंगे।