भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप।
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दिल्ली के आरएमएल अस्पताल से भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप को छुट्टी दे दी गई है। शुगर लेवल डाउन होने पर वह वीरवार को आरएमएल अस्पताल नई दिल्ली में दाख्रिल किए गए थे। गुरुवार को ही उनके भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा को इस्तीफा सौंपे जाने की भी अटकलें लगाई जा रही थीं, मगर अभी तक वह भाजपा प्रदेशाध्यक्ष पद पर बने हुए हैं। 23 अप्रैल को भाजपा आशियाना में नगर निगम चुनाव को लेकर मेनिफेस्टो जारी करेंगे तो इसमें भी भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सुरेश कश्यप मौजूद होंगे।
सुनी सुनाई बातें हैं सुरेश कश्यप के इस्तीफे की : गोस्वामी
किसने कहा भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुरेश कश्यप ने इस्तीफा दिया है। सब सुनी सुनाई बातें हैं। राज्यसभा सांसद इंदु गोस्वामी ने शनिवार को हमीरपुर प्रवास के दौरान पत्रकारों के सवाल पर यह जवाब दिया है। पत्रकारों ने उनसे हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष सुरेश कश्यप के इस्तीफे को लेकर सवाल किया था। इंदु ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष का इस्तीफा उनके ध्यान में नहीं है। अभी भी सुरेश कश्यप ही हिमाचल भाजपा के अध्यक्ष हैं। प्रदेश अध्यक्ष के पद के लिए दावेदारी के सवाल पर इंदु गोस्वामी ने कहा कि वह पार्टी की कार्यकर्ता हैं। प्रदेश और केंद्र का नेतृत्व मिलकर यह तय करेगा।
कहा कि उनसे बड़े और परिपक्व नेता भी हिमाचल में भाजपा के पास हैं। जो इस पद के लिए काबिल हैं, लेकिन भाजपा में शीर्ष नेतृत्व ही पद और गरिमा तय करता है। दरअसल, भाजपा अध्यक्ष सुरेश कश्यप के इस्तीफे की अटकलों के बीच नए प्रदेश अध्यक्ष को लेकर कदमताल शुरू है। ऐसे में राज्य सभा सांसद इंदु गोस्वामी के नाम पर भी चर्चा हो रही है। कहा कि आज हम आजादी का 75वां अमृत महोत्सव मना रहे हैं। हमीरपुर में आयोजित राष्ट्रीय परिसंवाद में अनुसूचित जातियों के रहन-सहन उनके जीवन यापन को लेकर आर्थिक स्थिति को लेकर संवाद किया गया है।
कहा कि कांग्रेस ने इन अनुसूचित जनजातियों के बारे में नहीं सोचा है, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार ने इन अनुसूचित जनजातियों के लिए उचित कदम उठाए हैं जो कि काबिले तारीफ है। पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत अटल बिहारी वाजयेयी ने अनुसूचित जनजातियों के बारे में सोचा। अटल बिहारी वाजपेयी की ओर से अनुसूचित जनजाति के लिए अलग मंत्रालय बनाया गया। आज सरकार की कई योजनाएं अनुसूचित जनजातियों के लोगों के लिए मुहैया करवाई जा रही हैं। कहा कि जब से नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री बने हैं अनुसूचित जनजातियों के लिए प्रधानमंत्री ने एक नए युग की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि एक आदिवासी महिला देश की राष्ट्रपति हैं।