भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह कांगड़ा के लोगों को बांटने का प्रयास कर रहे हैं। सीएम ने कभी नहीं चाहा कि कांगड़ा जिले को सेंट्रल यूनिवर्सिटी मिले। हैरानी की बात है कि अपने अहम की संतुष्टि के लिए मुख्यमंत्री जनवरी, 2013 में केंद्रीय एवं पर्यावरण मंत्रालय को लिखे अपने पत्र को नकारने में भी गुरेज नहीं कर रहे हैं।
सत्ती ने मुख्यमंत्री की ओर से केंद्रीय मंत्रालय को देहरा और धर्मशाला में सीयू कैंपस खोलने के लिए भेजा पत्र मीडिया को जारी किया। कहा कि सेंट्रल यूनिवर्सिटी मामले में भाजपा का दृष्टिकोण शुरू से स्पष्ट रहा है। पूर्व कांग्रेसनीत यूपीए सरकार के समय मानव संसाधन मंत्रालय की कमेटी ने सभी उपलब्ध जमीनों का निरीक्षण करने के पश्चात एक कैंपस देहरा और एक धर्मशाला में बनाने की संस्तुति दी थी।
भाजपा आज भी इसी बात पर कायम है। सीएम को सोचना चाहिए कि क्या देहरा हिमाचल और कांगड़ा का हिस्सा नहीं है? अगर दोनों जगह कैंपस बनेंगे तो केवल कांगड़ा का ही नहीं बल्कि हिमाचल का विकास होगा। अगर क्षेत्रवाद की राजनीति भाजपा करती तो कभी धर्मशाला में विश्व स्तरीय क्रिकेट स्टेडियम का निर्माण नहीं किया होता।