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सुरेश कश्यप को जन्मदिन पर टिकट का तोहफा, पांच दशक बाद मैदान में सिरमौर का प्रत्याशी

Sun, 24 Mar 2019 11:17 AM IST
अरविन्द ठाकुर संजय भारद्वाज, अमर उजाला, नाहन (सिरमौर)
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शिमला संसदीय क्षेत्र सीट से सुरेश कश्यप को टिकट देकर भाजपा हाईकमान ने एक तरह से जन्म दिवस का तोहफा दिया है। सुरेश कश्यप वर्तमान में सिरमौर जिले की पच्छाद विधानसभा से विधायक हैं।

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वायु सेना में सेवाएं देने के बाद राजनीति में आए सुरेश कश्यप को टिकट मिलने की सुगबुगाहट से उनके समर्थकों में खुशी की लहर है। सोशल मीडिया पर बधाई देने वालों का तांता लग गया है। हालांकि, अभी तक पार्टी ने टिकट की अधिकारिक घोषणा नहीं की है।

वर्ष 1967 में में यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हुई। 1967 और 1971 में इस सीट से कांग्रेस के प्रताप सिंह सांसद बने थे। प्रताप सिरमौर से ताल्लुक रखते थे। इसके बाद इस सीट पर सोलन जिले का ही अधिपत्य रहा।

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सोशल मीडिया में बधाइयां देने वालों का तांता लगा

पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले सुरेश कश्यप का 23 मार्च को जन्म दिन भी है। उन्हें सुबह से ही सोशल मीडिया में बधाइयां देने वालों का तांता लगा हुआ था। इस बीच देर शाम उन्हें शिमला संसदीय क्षेत्र से टिकट मिलने की भी बधाइयां मिलनी शुरू हो गईं।

भाजपा पच्छाद मंडल के नाम से बनी फेसबुक आईडी में भी उन्हें बधाई दी गई है। पच्छाद विधानसभा क्षेत्र से भाजपा के सुरेश कश्यप ने कांग्रेस के दिग्गज नेता जीआर मुसाफिर को हराकर भाजपा का किला मजबूत किया है। जीआर मुसाफिर यहां से सात बार के विधायक बने हैं।

कब कौन बना सांसद

1977 में यह सीट भारतीय लोकदल के खाते में चली गई। लोक दल के टिकट पर बालक राम जीते। 1980, 1984, 1989, 1991, 1996 और 1998 के चुनाव में इस सीट पर लगातार छह बार कृष्ण दत्त सुल्तानपुरी विजयी हुए। जबकि 1999 में धनी राम शांडिल ने बाजी मारी।

2004 का चुनाव धनी राम शांडिल ने ही जीत कर कांग्रेस के किले को मजबूत बनाए रखा। वर्ष 2009 में इस सीट पर पहली बार कमल खिला। भाजपा के टिकट पर वीरेंद्र कश्यप जीतने में कामयाब हुए। वर्ष 2014 के आम चुनाव में भी उन्होंने जीत को बरकरार रखा।

कुल 17 विधानसभा सीटें है शिमला में
शिमला लोकसभा सीट के अंतर्गत शिमला, सिरमौर और सोलन की 17 विधानसभा सीटें आती हैं। अर्की, नालागढ़, दून, सोलन, कसौली, पच्छाद, नाहन, श्री रेणुकाजी, पांवटा साहिब, शिलाई, चौपाल, ठियोग, कासुम्प्टी, शिमला, शिमला ग्रामीण, जुब्बल कोटखाई और रोहड़ू विधानसभा क्षेत्र शामिल हैं।
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जानिए कौन है सुरेश कश्यप 

जन्म : पच्छाद के पपलाहं में 23 मार्च, 1971 में माता शांति देवी और पिता चमेल सिंह के घर हुआ।
पढ़ाई : प्राथमिक और मिडल शिक्षा गागल शिकोर स्कूल और उच्च शिक्षा राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सराहां से की
नौकरी : 24 अप्रैल, 1988 को वायु सेना में सिपाही के पद पर भर्ती होकर करीब 16 वर्षों तक सेवाएं दीं। नौकरी में रहते लोक प्रशासन में एमए और टूरिज्म और पीजीडीसीए में डिप्लोमा किया और बीएड की। सेवानिवृत्ति के बाद लोक प्रशासन में एमफि ल किया। 
राजनीतिक सफर : वर्ष 2007 में भाजपा की टिकट से विधानसभा चुनाव लड़े, जिसे वह हार गए। 2012 में दूसरी बार भाजपा की टिकट पर विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीतकर विधानसभा पहुंचे। 2017 में भी वह विधायक बने।
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