प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतपाल सत्ती ने कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह अपने क्षेत्र में अपराध को रोकने में नाकाम साबित हो गए हैं। कोटखाई में स्कूली बच्ची से रेप के बाद हत्या के मामले ने कानून व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।
इससे पूर्व मंडी में वन माफिया का विरोध करने वाले फॉरेस्ट गार्ड को मारकर पेड़ से लटका दिया गया था। सत्ती ने रविवार को पत्रकारों से कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था चरमरा गई है। माफियाराज हो गया है, किसी को कानून का डर नहीं रहा है।
ऊना के हरोली में माइनिंग माफिया ड्रग माफिया, भू माफिया से लेकर पता नहीं क्या-क्या गैरकानूनी कार्य हो रहे हैं और विकास के ढोल पीटे जा रहे हैं। सत्ती ने एक सवाल पर कहा कि सूबे में कांग्रेस के हाथ से कानून व्यवस्था की लगाम छूट चुकी है।
मौजूदा सरकार के कार्यकाल को देवभूमि में कलंकित कार्यकाल के रूप में याद किया जाएगा। कहा कि ऊना की स्वां नदी से माइनिंग से टिप्परों में दिन-रात रेत पंजाब, हरियाणा को जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों को घर बनाने के लिए रेत की एक ट्राली 2000 से 2500 रुपये में मिल रही है।
कोटखाई के जघन्य अपराध की तो सीबीआई जांच होनी ही चाहिए। प्रदेश में जो विकास के नाम पर करोड़ों की घोटाले हो रहे हैं, इसकी जांच भी लगे हाथ हो जानी चाहिए।