भारतीय जनता पार्टी जिला शिमला ने वीरवार को विधायक सुरेश भारद्वाज और जिलाध्यक्ष मदन शर्मा की अध्यक्षता में 29 जनवरी को भाजपा कार्यालय पर युंका कार्यकर्ताओं द्वारा किए हमले में दोषियों को बचाने तथा भाजपा के निर्दोष कार्यकर्ताओं पर झूठा मुकदमा बनाने की कड़ी निंदा की।
इस मुद्दे को लेकर भाजपा ने जिलाधीश शिमला के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजा। इस मौके पर शिमला मंडल अध्यक्ष विशेश्वर नाथ, राजू ठाकुर, करण नंदा, गौरव कश्यप, अनूप वैद्य, भारती सूद, रमेश जोशी, संजय कालिया, जीवन भारद्वाज, दीपक शर्मा भी उपस्थित रहे।
भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे और प्रदेश यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह घटना वाले दिन दोपहर बारह बजे बालूगंज से सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ बीजेपी कार्यालय चक्कर की ओर रवाना हुए थे। वह प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे थे।
भाजपा कार्यकर्ताओं को पीटा गया उन पर जानलेवा हमला किया गया। इस मामले की एफआईआर थाना बालूगंज में दर्ज करवाई गई। इसमें विक्रमादित्य सिंह का नाम भी नामजद किया था लेकिन जब पुलिस ने अदालत में चार्जशीट सौंपी तो उसमें से विक्रमादित्य का नाम हटा दिया गया।
यह सरासर गलत है। भाजपा नेताओं का कहना है कि पुलिस ने उल्टा उन्हीं के कार्यकर्ताओं के नाम चार्जशीट में दाखिल कर दिए जोकि न्याय संगत नहीं है।