बाद में इसका असर प्रदेश के विधानसभा चुनाव में भी नजर आया और प्रदेश के विधानसभा चुनाव मेें कांग्रेस को मुंह की खानी पड़ी। इस बार हिमाचल में भाजपा के अपने सांसदों के खिलाफ एंटीइनकमबेंसी फैक्टर कम करना भाजपा की बड़ी चुनौती होगी।
लोकसभा और विधानसभा चुनाव में बुरी तरह हारी कांग्रेस की नई प्रभारी रजनी पाटिल खुद फील्ड में उतर रही हैं। हालांकि, कांग्रेस में वीरभद्र-सुक्खू जैसे नेताओं के बीच चल रहे शीत युद्ध का भाजपा फायदा उठाने की फिराक में रहेगी।
हिमाचल में भाजपा से शिमला में वीरेंद्र कश्यप, मंडी में रामस्वरूप शर्मा, हमीरपुर में अनुराग ठाकुर और कांगड़ा में शांता कुमार हैं। शांता कुमार के इस बार चुनाव नहीं लड़ने की अटकलें तेज हैं।
शिमला के सांसद वीरेंद्र कश्यप अदालती चक्करों में उलझे हैं। ऐेसे में इन दोनों सीटों की अगली उम्मीदवारी पर अभी स्थिति साफ नहीं है। हालांकि, ये तय माना जा रहा है कि हमीरपुर में भाजपा अनुराग ठाकुर और मंडी में रामस्वरूप शर्मा पर ही दांव खेलेगी।