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हाईकोर्ट ने एसडीएम की वेतन अदायगी पर लगाई रोक, यहां जानिए पूरा मामला

Thu, 05 Jul 2018 12:45 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश हाईकोर्ट ने परवाणू-ढली फोरलेन सड़क निर्माण मामले में एक भूमि मालिक को मुआवजा राशि न देने पर एसडीएम सोलन के वेतन अदायगी पर तुरंत प्रभाव से रोक लगाने के आदेश जारी किए हैं। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने कसौली निवासी दिव्या द्वारा जनहित याचिका में दायर आवेदन पर सुनवाई के बाद यह आदेश पारित किए। मामले पर सुनवाई 11 जुलाई को होगी।

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मामले के अनुसार सोलन-शिमला-ढली फोरलेन सड़क के निर्माण के दौरान प्रार्थी का चार मंजिला मकान नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ ऑफ  इंडिया ने अधिग्रहित किया था लेकिन बिना मुआवजा दिए यह मकान गिरा दिया। 30 अप्रैल 2018 को हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को आदेश दिए थे कि प्रार्थी को उसके मकान और जमीन का उपयुक्त मुआवजा दिया जाए। 

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इन आदेशों की अवहेलना की स्थिति में जिलाधीश सोलन के वेतन निकासी पर रोक लगाने के आदेश पारित भी दिए गए थे। जिलाधीश सोलन ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि दिसंबर 2016 में एसडीएम सोलन ने प्रार्थी के मुआवजे की राशि को गलती से किसी अन्य के खाते में डाल दिया था।

तहसीलदार रिकवरी सोलन ने गलती से दूसरों के खाते में डाली गई मुआवजा राशि 1,18,81,840 रुपये में से 88 लाख 66084 रुपये की रिकवरी कर दी है। जबकि शेष राशि 30,06,773 रुपये जो रेखा रानी, दीपक, नीलम बाला, संतोष रानी और विजय रानी के खाते में चले गए थे अभी रिकवर करने बाकी हैं। कोर्ट ने तहसीलदार रिकवरी सोलन को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वह शेष मुआवजा राशि शीघ्र रिकवर करें।
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