इन आदेशों की अवहेलना की स्थिति में जिलाधीश सोलन के वेतन निकासी पर रोक लगाने के आदेश पारित भी दिए गए थे। जिलाधीश सोलन ने कोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट के माध्यम से बताया कि दिसंबर 2016 में एसडीएम सोलन ने प्रार्थी के मुआवजे की राशि को गलती से किसी अन्य के खाते में डाल दिया था।
तहसीलदार रिकवरी सोलन ने गलती से दूसरों के खाते में डाली गई मुआवजा राशि 1,18,81,840 रुपये में से 88 लाख 66084 रुपये की रिकवरी कर दी है। जबकि शेष राशि 30,06,773 रुपये जो रेखा रानी, दीपक, नीलम बाला, संतोष रानी और विजय रानी के खाते में चले गए थे अभी रिकवर करने बाकी हैं। कोर्ट ने तहसीलदार रिकवरी सोलन को आदेश जारी करते हुए कहा है कि वह शेष मुआवजा राशि शीघ्र रिकवर करें।