भाजपा कार्यकर्ताओं में नए मुख्यमंत्री का नाम जानने को लेकर उत्साह दूसरे दिन कई नामों के उछलने से बेहद तनाव भरा हो गया। होटल पीटरहॉफ शिमला के बाहर सुबह से कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। बीते दिन के मुकाबले समर्थकों की संख्या बढ़ गई। चर्चा रही कि धूमल और जयराम खेमे ने अपने-अपने समर्थकों को वीरवार रात को ही शिमला बुला लिया था।
दोनों ओर के समर्थकों में इस बात की प्रतिस्पर्धा दिखी कि दूसरे की नारेबाजी को दबाया जाए। नाभा स्थित संघ कार्यालय में बैठक कर पर्यवेक्षक निर्मला सीतारमण और नरेंद्र तोमर जैसे ही पीटरहॉफ पहुंचे तो माहौल तनाव से भर गया। समर्थकों ने अपने नेताओं की गैर मौजूदगी में पर्यवेक्षकों का होटल के अंदर प्रवेश करना दूभर कर दिया।
बाहर तनाव से भरे माहौल के बीच पर्यवेक्षक अंदर सांसदों के साथ एक-एक कर चर्चा करते रहे। सांसद शांता कुमार के डांटने का भी नारेबाजी में लगे समर्थकों पर कोई असर नहीं पड़ा। प्रदेश संगठन का कोई पदाधिकारी समर्थकों की हुल्लड़बाजी रोकने को आगे नहीं आया। पर्यवेक्षकों के दिल्ली रवाना होने के काफी देर बाद भी होटल के बाहर दोनों ओर से यही माहौल दिखा। लगभग एक घंटे बाद समर्थक वहां से छिटके।
अंदर विधायक भिड़ाते रहे गणित
सांसदों के साथ पर्यवेक्षकों की बैठक के चलते कई विधायक होटल के अंदर डेरा डाले बैठे रहे। हर विधायक अपने समीकरणों को टटोल रहा था। सांसद शांता कुमार के पहुंचते ही धर्मशाला से विधायक किशन कपूर और सुलह के विधायक विपिन परमार उनके स्वागत में दिखे।
मंडी-कुल्लू के विधायकों ने अलग से अपना कैंप बनाया था। बीच-बीच में होटल से बाहर निकलकर विधायक कार्यकर्ताओं में जोश भरते भी दिखे। हालांकि, मुख्यमंत्री की दौड़ में बताए जा रहे वरिष्ठ विधायकों जयराम, सुरेश भारद्वाज और राजीव बिंदल होटल परिसर से कहीं बाहर थे। उनके समर्थक लगातार उन्हें अपडेट जरूर करते सुनवाई दे रहे थे।
धूमल का बड़ा कैंप देख सब हैरान
होटल के बाहर और अंदर धूमल का कैंप शुक्रवार को हावी दिखा। धूमल समर्थकों का कहना था कि उनके साथ 24 विधायक हैं। उन्हें सीएम बनाने के पक्ष में विधायकों के समर्थक भी उनके क्षेत्रों से आए हैं। सर्वाधिकर चर्चा इसी बात की रही कि आखिर रातोंरात इतना जमावड़ा कैसे जुटाया गया।
दूसरी तरफ, मंडी-कुल्लू के विधायकों के समर्थक भी बड़ी तादात में पहुंचे। पर्यवेक्षकों के जाने के बाद जयराम समर्थकों ने पीटरहॉफ के लॉन पर पारंपरिक नाटी डाली और जमकर नारेबाजी की। इस दौरान धूमल समर्थक उन्हें दूर खड़े ताकते रहे। एक पार्टी के कार्यकर्ताओं के दो धड़ों में बंटने की भी खूब चर्चा रही।