राजधानी शिमला में भाजपा के प्रदेश कार्यालय पर हमले के मामले में सरकार के दो चेयरमैनों तथा मंत्री के बेटे समेत 29 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी गई है। पुलिस ने चार्जशीट में कांग्रेस के 18 और भाजपा के 11 नेताओं, कार्यकर्ताओं को नामजद किया है।
युकां के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह और एसआईडीसी के उपाध्यक्ष अतुल शर्मा को चार्जशीट से बाहर कर दिया है। ये दोनों इस मामले में दर्ज एफआईआर में नामजद थे। जांच में इनकी संलिप्तता नहीं पाई गई। जिला अदालत में इस केस की पहली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की गई है। आरोपियों को कोर्ट में पेश होना होगा।
इसी साल 29 जनवरी को शिमला में भाजपा कार्यालय के बाहर युकां के प्रदर्शन के दौरान दोनों दलों के नेताओं, कार्यकर्ताओं में खूनी संघर्ष हुआ था। इस मामले में दोनों पक्षों की ओर से क्रास एफआईआर दर्ज करवाई गई थी।
खोई थी एक आंख
29 जनवरी 2015 को भूमि अधिग्रहण अध्यादेश के खिलाफ प्रदेश युवा कांग्रेस ने शिमला के चक्कर में भाजपा कार्यालय तक रैली निकाली थी। इस दौरान भाजपा और युकां कार्यकर्ताओं में बहस के बाद पत्थरबाजी शुरू हो गई।
हाथों में लिए झंडों के डंडे एक-दूसरे पर बरसने शुरू हो गए। इस खूनी संघर्ष से 20 से अधिक कार्यकर्ता चोटिल हुए। भाजपा नेता राजेश शारदा की इस खूनी झड़प में एक आंख की रोशनी चली गई। एसपी शिमला डीडब्ल्यू नेगी ने बताया कि मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है।
चार्जशीट में कांग्रेस के ये नेता-कार्यकर्ता
धर्मपाल ठाकुर चेयरमैन (आईटीआई), महेंद्र स्तान चेयरमैन (एपीएमसी), रिंपल चौधरी (एनएसयूआई अध्यक्ष), आकाश सैणी (शिमला शहरी युकां अध्यक्ष) अमित कोहली (शिमला ग्रामीण युकां अध्यक्ष) के अलावा सुक्रांत भाटिया, संगीत भरमौरी, विजय कुमार शर्मा, कुलदीप कुमार, विजेंद्र पाल, भूपेंद्र वर्मा, गौरव कुमार, रणवीर राणा आदि शामिल हैं।
वहीं, भाजपा के प्रदेश सचिव त्रिलोक जम्वाल, प्रदेश भाजयुमो अध्यक्ष सुनील ठाकुर, भाजयुमो के प्रवक्ता करन नंदा, कंवर रणदीप, राजू ठाकुर, अनिल कौंडल, सुशील चौहान, हेमंत कुमार, मोहिंद शर्मा, मदन शर्मा इत्यादि चार्जशीट में नामजद किए गए हैं।