भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं सांसद शांता कुमार ने खुलासा किया कि उनके भी फोन टैप हुए। उनके ही नहीं सूबे के 1300 नेताओं और अधिकारियों के फोन टैप किए गए हैं। असली गुनाहगार तो फोन टैप करने वाले हैं। उन्हें कटघरे में खड़ा करना चाहिए।
दिलचस्प बात यह है कि सबसे पहले जब फोन टैप हुए तो सूबे में भाजपा की सरकार थी। लेकिन अब शांता कुमार सीडी पर सियासत से आहत हैं। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मंत्री कौल सिंह सीडी पर बयान देकर मीडिया में चर्चा न बनाएं बल्कि जिन्होंने फोन टैप किए या कराए, उन्हें कटघरे में खड़ा करें।
शांता ने कहा कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार बनते ही बहुत से नेताओं के फोन टैप होने की चर्चा रही। उन्हें भी बताया गया कि उनका (शांता) फोन भी टैप होता रहा है। मुख्यमंत्री वीरभद्र यह आरोप बार-बार लगाते रहे लेकिन आज तक कोई कार्रवाई नहीं कर सके।
उन्होंने कहा कि फोन टैप मामला गंभीर है और प्रदेश इससे शर्मशार हो रहा है। प्रदेश की राजनीति का स्तर निचले स्तर पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि इस मामले को सीधे सीबीआई को सौंप देना चाहिए ताकि इसकी निष्पक्ष जांच हो सके।