पूर्व मुख्यमंत्री एवं सांसद शांता कुमार ने कहा कि धन की बचत के लिए पूर्व एनडीए सरकार में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने मंत्रिमंडल को छोटा करने के लिए संविधान में संशोधन किया था। इससे देश के धन की फिजूलखर्ची पर रोक लगनी थी। इस संशोधन के तहत मंत्रिमंडल की संख्या पीएम और सीएम समेत दस प्रतिशत से अधिक नहीं होनी थी।
लिहाजा, देश में इस संशोधन का काफी स्वागत हुआ था। अफसोस है कि अटल की सरकार जाते ही इस संशोधन के उद्देश्य को भुला दिया गया। आज दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार की ओर से 21 विधायकों को संसदीय सचिव बनाने के फैसले को अयोग्य ठहराया जाए या नहीं, इस पर जम कर चर्चा हो रही है।