सांसद शांता कुमार ने कहा कि सत्तापक्ष और विपक्ष को गतिरोध की राजनीति छोड़कर एक-दूसरे को परस्पर और सहयोग की राजनीति करनी चाहिए। प्रदेश के विकास के लिए सरकार को विपक्ष का सहयोग और विपक्ष को सरकार का सहयोग करना जरूरी है। प्रदेश सरकार बेहतर कार्य कर रही है। इसे देख विपक्ष को चाहिए वह भी बेहतर विपक्ष की भूमिका निभाए।
बकौल शांता, मुख्यमंत्री पद संभालते ही केंद्र में कांग्रेस सरकार से सहयोग की राजनीति करते हुए वे प्रदेश में बिजली परियोजना को निजी क्षेत्र में लाने वाले देश में पहले गैर कांग्रेसी मुख्यमंत्री बने थे। यही नहीं, उन्होंने कांग्रेस के पूर्व प्रधानमंत्री स्व. नरसिंहा राव से प्रदेश के पानी से बनने वाली बिजली की 12 प्रतिशत रॉयल्टी भी दिलवाई थी, जबकि प्रदेश कांग्रेस ने विपक्ष में रहकर उनके प्रस्ताव को विस में नामंजूर कर उनका मजाक उड़ाया था।
इससे ही प्रदेश को तीन हजार पन बिजली परियोजनाओं से हर साल रॉयल्टी मिल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल की तर्ज पर वह केंद्र सरकार का विरोध और प्रधानमंत्री के खिलाफ चिल्लाते रहते तो वह प्रदेश को उसका हक कभी नहीं दिलवा सकते थे।