दिल्ली में सांसद रामस्वरूप शर्मा की मौत के बाद मंडी संसदीय सीट के उपचुनाव तय हैं। शोक की लहर के बीच भाजपा और कांग्रेस के सियासी गलियरों में उम्मीदवारों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। 2014 में रामस्वरूप के चुनाव जीतने से पहले 17 विधानसभा क्षेत्रों वाली यह सीट कांग्रेस खासकर वीरभद्र और सुखराम परिवार का गढ़ रही थी। 2014 और 2019 में भारी मतों से जीत हासिल करने वाले रामस्वरूप मंडी संसदीय क्षेत्र में छाए रहे। अब उनकी मौत के बाद छह माह के भीतर उपचुनाव होंगे।
कांग्रेस में पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के परिवार से उनकी पत्नी और बेटे विक्रमादित्य के उपचुनावों के मैदान में उतरने की बात जोरों पर हैं। सुखराम परिवार भी उपचुनावों पर नजरें गढ़ा चुका है। हालांकि, 2019 में रिकॉर्ड मतों की शिकस्त के बाद सुखराम के पोते और सदर भाजपा के विधायक अनिल शर्मा के बेटे आश्रय शर्मा की राह कांटों से भरी दिख रही हैं। पूर्व सांसद महेश्वर सिंह, ब्रिगेडियर खुशाल ठाकुर पर भाजपा दांव खेल सकती है। नए चेहरों में राकेश जम्वाल और अजय राणा के नाम की भी चर्चा है।
अभिनेत्री कंगना रणौत भी हैं काफी सक्रिय
मंडी की अभिनेत्री कंगना रणौत भी इन दिनों काफी सक्रिय रही हैं। चाहे किसान आंदोलन हो या फिर अभिनेता सुशांत राजपूत की संदिग्ध मौत, कंगना सोशल मीडिया में खूब चर्चा में रही हैं। भाजपा को पूरी तरह सपोर्ट कर रही हैं। हालांकि, मीडिया को दिए गए साक्षात्कारों में वह राजनीति में न आने की बात कह चुकी हैं।