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हद है! मोदी के कहने पर इतना भी नहीं कर पाए भाजपा सांसद, सच्चाई चौंका देगी

Thu, 18 May 2017 04:12 PM IST
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
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ग्रामीण क्षेत्रों को विकसित करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू की गई आदर्श ग्राम योजना हिमाचल में दम तोड़ती नजर आ रही है। केंद्र ने सांसदों और विधायकों को ग्राम सभाओं में जाने के फरमान जारी किए थे, लेकिन सूबे में इसका पालन नहीं हो रहा।
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माननीयों ने जिन गांवों को कागजों में अपनाया था, उन्हें हकीकत में वे भुला बैठे हैं। आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिए गए गांवों की जनता अपने सांसदों के दर्शन को तरस गई है। गोद लिए इन गांवों के प्रधानों का कहना है कि न तो सांसद आते हैं न ही उनके गांवों की समस्याएं हल हो रही हैं।

प्रदेश के चारों सांसदों ने बीते एक साल में दौरे की रस्म भर निभाई और फिर इन गावों की तरफ मुड़कर नहीं देखा। उधर, केंद्र ने प्रदेश सरकार को पत्र लिखकर एक बार फिर सांसदों और विधायकों की ग्राम सभाओं में उपस्थिति सुनिश्चित करने को कहा है।
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पंचायतीराज मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने विधायकों और सांसदों को ग्राम सभाओं में जाने को कहा है। विधायक और सांसद ग्रामसभाओं में नहीं जा रहे हैं। आइए हम आपको बताते हैं किस सांसद ने क्या काम किया-

शिमला: एक भी काम नहीं हुआ, कश्यप बोले- कहां कहां जाएंगे

संसदीय क्षेत्र - शिमला
गोद लिया गांव- जगतनगर (सोलन)
सोलन के कसौली स्थित जगतनगर पंचायत की प्रधान हेमलता का कहना है कि वर्ष 2015 के अंत में इस पंचायत को गोद लिया गया था। पंचायत में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें सांसद को 50 कार्यों की लिस्ट दी गई थी लेकिन अभी तक एक भी काम के लिए पैसा नहीं मिला है। सांसद ग्रामसभा में कभी नहीं आए। 

एक बार पंचायत में स्पेशल ग्राम सभा आयोजित की गई थी, इसमें अधिकारी के अलावा मैं स्वयं मौजूद था। पंचायत में काम चल रहा है। 800 पंचायतें हैं, कहां-कहां जाएंगे। लोगों के हेल्थ कार्ड, पशु धन योजना, सड़कों का काम हो रहा है।- शिमला सांसद, वीरेंद्र कश्यप 

मंडी: यहां तो माथा टेकने गए थे रामस्वरूप, वापस दर्शन नहीं दिए

संसदीय क्षेत्र - मंडी 
गोद लिया गांव-ओल्ड मनाली
ग्रामीणों की मानें तो सांसद लंबे अरसे से इस पंचायत में नहीं गए। ओल्ड मनाली पंचायत में विकास कार्यों को लेकर कई बार पंचायत ने मांगपत्र भेजा, लेकिन सांसद नहीं आए। पंचायत प्रधान मोनिका भारती ने बताया कि एक बार सांसद माता के मंदिर में माथा टेकने आए थे। इस दौरान लोगों से बात की थी। उसके बाद से वे पंचायत में नहीं आए।  

- मैं बीमार चल रहा था, इस कारण दो माह से पंचायत का दौरा नहीं कर सका। पंचायत प्रधान गलत बोल रहीं हैं। मैं 15-16 बार पंचायत में गया हूं। हाल ही में स्ट्रीट लाइटें लगाने को भेजीं, लेकिन पंचायत प्रधान नहीं लगा रही हैं। अब 23 मई को इस पंचायत के दौरे पर जा रहा हूं। -  राम स्वरूप, मंडी सांसद 

कांगड़ा: बस एक बार गांव गए शांता, अब बुलाए नहीं आते

संसदीय क्षेत्र - कांगड़ा-चंबा
गोद लिया गांव-परछोड़ (चंबा)
परछोड़ पंचायत में लंबे समय से सांसद नहीं आए, ऐसा वहां की पंचायत प्रधान सरिता चम्याल ने बताया। प्रधान के अनुसार गोद लेने के बाद सांसद केवल एक बार पंचायत में आए थे। वह भी सामान्य दौरा था। जिस वक्त उनका गांव आदर्श ग्राम योजना के तहत गोद लिया गया था तभी सांसद वहां आए, इसके बाद से ग्राम सभा में सांसद का आना नहीं हुआ।  

- गोद ली गई ग्राम पंचायत में 3 बार गया था। वहां विकास कार्य की कोशिश की गई जो अब भी जारी है। ग्राम सभाओं में आए दिन जाना मुश्किल होता है। नजदीक की पंचायतों में जाया जा सकता है।  शांता कुमार, - कांगड़ा सांसद
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हमीरपुर: धन्यवाद कार्यक्रम में आए थे अनुराग, फिर नहीं दिखे

संसदीय क्षेत्र - हमीरपुर 
गोद लिया गांव-अणुकलां
अणुकलां ग्राम पंचायत के प्रधान सुरेंद्र मिन्हास ने बताया कि सांसद ग्रामसभा में नहीं बल्कि एक जनरल प्रोग्राम में आए थे। इस दौरान पंचायत को गोद लिए जाने पर उनका धन्यवाद कार्यक्रम किया था। उन्होंने पंचायत में एसडीएम को भेजा था। अब उनके आने का प्रोग्राम बनाया जाएगा।

ग्राम पंचायत में विकास कार्यों का सर्वे तैयार करने को कहा गया था, इसकी रिपोर्ट तैयार हो गई है। अब इस विकास कार्य की रिपोर्ट को ग्राम सभा में ले जाया जाएगा। मैं स्वयं इस ग्रामसभा में मौजूद रहूंगा। अनुराग ठाकुर, - हमीरपुर सांसद 
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