कांगड़ा जिला से पूर्व मंत्री किशन कपूर के सांसद बनने से खाली हुई धर्मशाला विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए बेटे की उम्मीदवारी पर कपूर कुछ नहीं बोले लेकिन बेटे के लिए टिकट की चाह जरूर झलकी। शनिवार को धर्मशाला जाते हुए ऊना में पत्रकारों से बातचीत में कपूर ने कहा कि किसी का रिश्तेदार होना गुनाह नहीं। फील्ड में काम करने वाले को ही टिकट मिलेगा। पार्टी का जो भी निर्णय होगा, उसे सब स्वीकार करेंगे।
कांगड़ा जिला में पिछले कुछ दिनों से रमेश धवाला और इंदु गोस्वामी के मामलों से सामने आई गुटबाजी को किशन कपूर ने मामूली मतभेद बताया। उन्होंने कहा कि मतभेद तो पति और पत्नी में भी हो जाते हैं। भाजपा विश्व की सबसे बड़ी पार्टी है और ऐसे में हल्के मतभेद होते हैं जिन्हें सुधार भी लिया जाता है।
जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35-ए निष्प्रभावी किए जाने के बाद संसद में हिमाचल से 118 हटाए जाने को लेकर ओवैसी और सुखबीर बादल के बयानों पर कपूर ने कहा कि 370 और 118 में दिन रात का अंतर है। ओवैसी कांग्रेस की भाषा बोलते हैं।
हिमाचल में नौकरी करने वालों और लंबे समय तक हिमाचल में रहने वालों को घर बनाने के लिए 118 की अनुमति के बाद भूमि मिल जाती है। सरकारों ने निवेश को आकर्षित करने के लिए समय समय पर धारा 118 में संशोधन भी किए हैं। लेकिन कश्मीर और हिमाचल को एक साथ जोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि धारा 118 नहीं हटाई जाएगी।