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'सहकारिता बैंक भर्ती में गड़बड़ी, बिना परीक्षा दिए ही दे दी नौकरी'

Fri, 23 Sep 2016 09:17 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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भाजपा की चार्जशीट कमेटी के सदस्य एवं देहरा के विधायक रविंद्र सिंह रवि ने धर्मशाला में प्रेस वार्ता में कहा कि केसीसी और हिमाचल सहकारिता बैंक में भर्ती के दौरान भारी धांधली हुई है। भाजपा के पास इसके पूरे तथ्य हैं।
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केसीसी बैंक और हिमाचल सहकारिता बैंक में हाल ही में हुई भर्तियों में जो अभ्यर्थी टॉपर आए हैं, वे अधिकतर सीएम दफ्तर के कर्मचारियों के बच्चे हैं। केसीसी बैंक में हुई भर्ती के दौरान बैजनाथ इलाके का एक लड़का लिखित परीक्षा में पास भी नहीं हुआ और उसे नौकरी दे दी गई।

हिमाचल सहकारिता बैंक भर्ती की लिखित परीक्षा में एक लड़की ने परीक्षा दी। परीक्षा केंद्र में लड़की के पीछे वाली सीट खाली थी। यानी, अभ्यर्थी उस सीट पर परीक्षा देने नहीं आया था, लेकिन उस लड़के को नौकरी मिल गई।
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जब लड़की ने खाली सीट पर नौकरी देने का मामला उठाया तो लड़की को आननफानन में नौकरी दे दी गई। रवि ने आरोप लगाया कि लुधियाना की एक फर्म को केसीसी बैंक से 19 करोड़ का ऋण जारी किया गया। जो स्टेटमेंट फर्म ने बैंक को दी है वे सभी झूठी हैं।
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'शर्म की बात, सरकार खुद बेच रही शराब'

केसीसी बैंक ने इस तरह के करीब 100 करोड़ ऋणों को जारी किया है। इन ऋणों की जांच प्रदेश में भाजपा की सरकार बनने की बाद होगी और दोषियों को जेल भेजा जाएगा।  हिमाचल में वन माफिया, शराब माफिया और ट्रांसफर माफिया हावी हो रहा है।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं। सुधीर शर्मा ने हाल ही में बयान दिया था कि स्मार्ट सिटी के जनसंख्या के क्राइटेरिया को पूरा करने के लिए नगर निगम के बाहर के कुछ गांव इसमें शामिल होंगे।

वे गांव शाहपुर, नगरोटा बगवां और कांगड़ा विस क्षेत्र के भी हैं। इन गांवों के नाम सुधीर शर्मा जनता को बताएं। उनके साथ जिला अध्यक्ष संजय चौधरी, प्रदेश भाजपा मीडिया सह प्रभारी राकेश शर्मा, भाजपा नेता ओंकार नैहरिया आदि मौजूद रहे।

सरकार खुद बेच रही शराब
आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार हो रहा है कि सरकार खुद शराब बेच रही है। यह हिमाचल के लिए शर्म की बात है। रवि ने आरोप लगाया कि शराब से संबंधित विभाग आबकारी एवं कराधान विभाग को को जो ठेकेदार हिस्सा दे रहे हैं, केवल उन्हीं को ही शराब की सप्लाई की जा रही है। इससे सरकार ने भ्रष्टाचार को बढ़ावा दिया है।

नाबार्ड की कृपा सिर्फ 4 विस क्षेत्रों पर ही क्यों
आरोप लगाया कि नाबार्ड के तहत विधानसभा क्षेत्रों को विधायक प्राथमिकता के तहत विकास को धनराशि मिलनी थी। 68 विधानसभा क्षेत्रों में से सीएम ने धनराशि आवंटित करने में सिर्फ अपने विस क्षेत्र शिमला ग्रामीण, रेणुका, जुब्बल कोटखाई और ठियोग पर ही कृपादृष्टि रखी। इन चार विस क्षेत्रों को 80 से 100 करोड़ रुपये बांट दिए गए।
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