हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की पुत्री अपराजिता ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाईकोर्ट में सीलबंद लिफाफे में अपना जवाब पेश कर दिया। जवाब में उन्होंने प्रवर्तन निदेशालय पर बदनियती से कार्रवाई करने का आरोप लगाया है।
मुख्य न्यायाधीश जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा सहगल की खंडपीठ ने मामले की अगली सुनवाई 15 दिसंबर तय की है। मुख्यमंत्री के बेटे विक्रमादित्य सिंह व बेटी दोनों ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से मनी लॉन्ड्रिंग मामले में उनकी संपत्ति जब्त करने के फैसले को चुनौती दी है।
इससे पूर्व ईडी ने हाईकोर्ट से आग्रह किया है कि वीरभद्र सिंह के पुत्र व पुत्री के खिलाफ कार्रवाई पर लगाई अंतरिम रोक हटाई जाए। उन्होंने सीबीआई की दर्ज प्राथमिकी के आधार पर ही दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। 26 अप्रैल को अपने अंतरिम आदेश में दोनों के खिलाफ संपत्ति जब्ती संबंधी ईडी के निर्णय को तो बहाल रखा था। लेकिन उसके बाद की जाने वाली कार्रवाई पर रोक लगा दी है।