मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह द्वारा हॉर्स ट्रेडिंग से नगर निगम पर कब्जा करने का आरोप लगाए जाने के बाद वीरवार को भाजपा ने पलटवार किया। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता व शिमला नगर निगम चुनाव के प्रभारी रहे राजीव बिंदल ने कहा कि मुख्यमंत्री ने खरीद-फरोख्त की बात कहकर न सिर्फ चुने हुए प्रतिनिधियों को अपमानित किया है।
बल्कि यह शिमला की जनता का भी अपमान है। मुख्यमंत्री हार को पचा नहीं पा रहे हैं। बिंदल ने कहा कि वह कभी कांग्रेस पार्टी को दोष दे रहे हैं तो कभी निगम बनाने के लिए खरीद फरोख्त की बात कर रहे हैं। सवाल किया कि नगर निगम के चुनाव पार्टी सिंबल पर क्यों नहीं करवाए गए। अगर सिंबल पर चुनाव होते हो कांग्रेस पार्टी दस सीटों पर सिमट कर रह जाती।
कहा कि सरकार खुद निगम में जोड़-तोड़कर मेयर और डिप्टी मेयर बनाना चाहती थी। इसी वजह से उसने पूर्व में दोनों पदों के लिए हो रहे डायरेक्ट चुनावों को खत्म कर पार्षदों में से चयन की व्यवस्था की।
पूछा कि क्या कारण था कि बिना वर्दी के दर्जनों पुलिस अधिकारी भाजपा कार्यालय, पार्षदों के आगे पीछे लगाए गए। यही नहीं, उनके रिश्तेदारों को तबादलों का भय दिखाया गया। कहा कि कांग्रेस 18 के जादुई आंकड़े से कोसों दूर थी, ऐसे में भाजपा को दोष देना उचित नहीं है।