पार्टी सर्वे के आधार पर बनाए प्लान के बारे में अमित शाह ने शांता से नए चेहरे के रूप में 4 से 6 नामों पर चर्चा की। इस लिस्ट में हैरत भरा नाम जेपी नड्डा का था। इसके अलावा किशन कपूर, विपिन परमार, त्रिलोक कपूर, दूलो राम, कृपाल परमार शामिल थे।
दिल्ली में नड्डा समेत अन्य नामों पर मंथन शुरू हो गया है। नड्डा 1993 से लेकर वर्ष 2012 तक हिमाचल सरकार में दो बार मंत्री रह चुके हैं। धूमल सरकार के वक्त वर्ष 2010 में खफा होकर हिमाचल में वन मंत्री पद छोड़ दिया था।
15 मार्च से पहले प्रदेश भाजपा नेतृत्व ने कांगड़ा सीट से उम्मीदवार के रूप में हाईकमान को शांता कुमार के रूप में सिर्फ एक ही नाम भेजा था। शांता इसके बाद लोस क्षेत्र में सक्रिय रहे।
माना जा रहा है कि गांधीनगर सीट से लालकृष्ण आडवाणी के मुकाबले अमित शाह जैसे बड़े चेहरे को उतारने की तर्ज वाला फार्मूला भाजपा कांगड़ा सीट पर भी लागू करना चाह रही है। बताया जा रहा है मोदी के 75 वर्ष आयु के फार्मूले के चलते सिटिंग सांसद शांता कुमार के समक्ष 85 वर्ष की उम्र आड़े आई।
अमर उजाला से दिल्ली से फोन पर विशेष बातचीत में शांता ने कहा कि उन्होंने शुक्रवार सुबह राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के साथ बैठक में चुनाव न लड़ने की अपनी इच्छा जता दी है। मैंने न कभी टिकट मांगा और न कभी टिकटार्थी रहा।
आज मैंने फिर चुनाव न लड़ने की इच्छा जताई है। मेरे चुनाव लड़ने से मना करने के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पार्टी सर्वे के आधार पर कांगड़ा सीट से 6 से 7 नामों पर चर्चा की है। संभावना है कि 23 मार्च तक हाईकमान कांगड़ा सीट से उम्मीदवार घोषित कर सकता है।