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'सत्ता में रहकर सीबीआई जांच को प्रभावित कर सकते हैं वीरभद्र'

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आय से अधिक संपत्ति के मामले में सीबीआई छापेमारी के बाद विपक्ष मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह पर लगातार इस्तीफे का दबाव बना रहा है। इसी कड़ी में सोमवार को नेता प्रतिपक्ष प्रो. प्रेम कुमार धूमल की अध्यक्षता में होटल पीटरहॉफ में भाजपा विधायक दल की बैठक हुई। इसमें पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती समेत तमाम विधायक मौजूद रहे।
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बैठक में वीरभद्र सिंह को घेरने की रणनीति बनाई गई। बैठक खत्म होने के बाद दोपहर करीब बारह बजे धूमल की अगुवाई में विधायक दल का प्रतिनिधिमंडल राजभवन पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल में पार्टी के राज्य प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा भी मौजूद रहे। राजभवन में राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपा गया।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पद से बर्खास्त करने की मांग की गई। धूमल ने कहा कि वीरभद्र सिंह का सीएम के पद पर बने रहना उचित नहीं है। वीरभद्र पद पर रहकर सीबीआई जांच को प्रभावित कर सकते हैं। उन्हें तत्काल पद से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
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बहुत बड़े जीव के लिए भी घातक होती है चींटी: धूमल

नेता प्रतिपक्ष एवं भाजपा विधायक दल के नेता प्रेम कुमार धूमल ने कहा है कि बहुत बड़े जीव के लिए भी चींटी घातक होती है। यह बहुत खतरनाक होती है। धूमल ने यह बात मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के एक बयान के जवाब में कही। सीएम ने खुद पर लगाए गए आरोपों की तुलना चींटी से की थी। धूमल ने कहा कि कांग्रेस के नेता मीडिया के माध्यम से मुख्यमंत्री पर दर्ज सीबीआई मामले पर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं।

कानूनी प्रक्रिया को पॉलिटिसाइज किया जा रहा है। धूमल ने कहा कि उन्हें जनता की अदालत पर पूरा विश्वास है। भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में तीन-चौथाई बहुमत से सत्ता में आएगी। कांग्रेस के मंत्रियों और विधायकों के संपर्क में होने के सवाल पर धूमल ने कहा कि हम किसी को अनटचेबल नहीं मानते।

अंगुली पर खून लगाकर बता रहे शहीद

राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन देने के बाद सोमवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में धूमल ने कहा कि अंगुली पर खून लगाकर शहीद होने की बात की जा रही है। अगर कोई एफआईआर पढ़ेगा तो मालूम हो जाएगा कि यह मामला वर्ष 2009 से 2012 का है। सेब की पैदावार एकाएक लाखों से करोड़ों रुपये हो जाती है।

पीआईएल तब दायर हुई थी, जब यूपीए की सरकार थी। सीबीआई ने प्रारंभिक जांच भी यूपीए के समय में शुरू की। अब स्वाभाविक तौर पर जांच में जो हो रहा है, वही सामने है। अब यह भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है कि हाईकोर्ट ने राहत दी है, जबकि अदालत ने जांच जारी रखने की बात की है।

बोले- अकसर चट्टानें ही टूटती हैं

बेटी की शादी की ही बात पर धूमल ने मीडिया से पूछा कि क्या किसी को निमंत्रण था। कांग्रेस सरकार के मंत्री और विधायक कह रहे हैं कि वे मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के साथ चट्टान की तरह खड़े हैं? इस सवाल के जवाब में धूमल ने कहा कि अकसर चट्टानें ही टूटती हैं। आज विधायक दल की बैठक थी, इसमें आपने क्या रणनीति बनाई? इस पर धूमल बोले कि जो रणनीति बनती है, वह मीडिया में जाहिर नहीं होती। धूमल ने कहा कि कानून अपने आप रास्ता अपनाएगा।

राज्यपाल को ज्ञापन सौंपने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल के छोटा शिमला स्थित सरकारी घर पर भाजपा नेताओं ने दोबारा बैठक की। इसमें भाजपा विधायक और संगठन के कई नेता शामिल हुए। यह बैठक भाजपा के प्रदेश प्रभारी श्रीकांत शर्मा ने ली। भाजपा के प्रदेश महासचिव रणधीर शर्मा ने कहा कि इस बैठक में लिए गए फैसलों को मंगलवार को स्पष्ट किया जाएगा।

बर्खास्तगी की मांग पर दिल्ली तक करेंगे कूच: श्रीकांत

भाजपा के प्रदेश प्रभारी एवं राष्ट्रीय सचिव श्रीकांत शर्मा ने कहा है कि मुख्यमंत्री रहते हुए वीरभद्र सिंह जांच को प्रभावित कर रहे हैं। उनको बर्खास्त किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इस मांग को लेकर दिल्ली तक कूच किया जाएगा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि भाजपा यह मानकर चल रही थी कि थोड़ी-बहुत नैतिकता होगी तो मुख्यमंत्री इस्तीफा दे देंगे पर ऐसा नहीं हुआ। कांग्रेस भ्रष्टाचार की जननी है। झूठे ई-मेल निकालकर राहुल गांधी संसद की कार्यवाही को अवरुद्ध करते रहे।

अब हिमाचल प्रदेश में उन्हीं के मुख्यमंत्री हैं, ये दोहरे मापदंड अपना रहे हैं। मनमोहन सरकार में वीरभद्र सिंह जब इस्पात मंत्री थे, यह मामला उस समय का है। उन्होंने कहा कि सीबीआई का दुरुपयोग करने के आरोप गलत हैं। यह काम कांग्रेस ही करती रही है। देश में अब कानून का राज है। अब किसी राजा-महाराजा की सरकार नहीं है। गरीब परिवार में जन्मे व्यक्ति ही सरकार के प्रमुख हैं।

‘वीरभद्र सरकार की बर्खास्तगी की मांग जनमत का अपमान’

कांग्रेस उपाध्यक्ष हर्ष महाजन, महासचिव रामलाल ठाकुर, प्रवक्ता कुलदीप सिंह पठानिया और डॉ. सुभाष मंगलेट ने कहा है कि पूर्ण बहुमत वाली वीरभद्र सरकार को बर्खास्त करने की मांग लोकतंत्र और जनमत का अपमान है। भाजपा नेता झूठ बोलकर गुमराह करने का प्रयास करते हैं। हर बार मुंह की खाते हैं लेकिन बाज नहीं आते। कांग्रेस के सभी नेता मुख्यमंत्री के साथ हैं। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के उस दावे को भी कोरा झूठ करार दिया, जिसमें कहा गया है कि सरकार के कुछ मंत्री और विधायक उनके संपर्क में हैं।

कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री के घर सीबीआई रेड के बाद भाजपा का असली चेहरा लोगों के सामने आ गया है। खुद भाजपा नेताओं में भी मतभेद हो गए हैं। कांग्रेस की एकजुटता से परेशान भाजपा प्रदेश के लोगों की सहानुभूति जुटाने का प्रयास कर रही है, जिसमें वह सफल नहीं होगी। कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में वीरभद्र सिंह के नेतृत्व में सरकार स्थिर और एकजुट है। कांग्रेस सरकार अपना कार्यकाल पूरा करेगी।

चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने को कोशिश कर रही भाजपा

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के इस्तीफे को लेकर सोमवार को राज्यपाल को दिए गए ज्ञापन पर सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री विद्या स्टोक्स और उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री ने कड़े शब्दों में निंदा की है। मंत्रियों ने कहा कि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई सरकार को अस्थिर करने का प्रयास कर रही है, जिससे उनकी हताशा साफ झलकती है।

मंत्रियों ने कहा कि भाजपा को स्मरण होना चाहिए कि प्रदेश में कांग्रेस सरकार लोकतांत्रिक रूप और स्पष्ट जनादेश के साथ चुनकर सत्तासीन हुई है, जो मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में अपना कार्यकाल पूरा करेगी। स्टोक्स एवं अग्निहोत्री ने कहा कि आयकर से जुड़े जिन मामलों का भाजपा बार-बार हवाला दे रही है, वे न्यायालय के विचाराधीन हैं।

वास्तविकता यह है कि केंद्र सरकार के कुछ वरिष्ठ मंत्रियों और भाजपा शासित कुछ राज्यों के मुख्य मंत्रियों के भ्रष्टाचार के गंभीर मामलों में फंसने से भाजपा विचलित है और इन मामलों से लोगों का ध्यान बांटने के लिए कांग्रेस नेताओं को जबरन फंसाने की साजिशें रची जा रही हैं। वीरभद्र सिंह के इस्तीफे की मांग और अपने दागदार मंत्रियों व मुख्य मंत्रियों पर चुप्पी साधने से भाजपा का दोहरा चरित्र सामने आ गया है।

कहा, बेदाग साबित होंगे मुख्यमंत्री

उन्होंने कहा कि वीरभद्र सिंह के आयकर से जुड़े मामले पहले ही आयकर अपीलिय प्राधिकरणों और न्यायालयों में विचाराधीन हैं। विस्तारपूर्वक जांच के उपरांत सीबीआई ने बंद लिफाफे में अपनी प्राथमिक जांच दिल्ली उच्च न्यायालय को सौंपी है। ऐसा लगता है कि भाजपा नेताओं के इशारे पर इसी मामले में एक और प्राथमिक जांच के आदेश हुए हैं, जो पार्टी की विद्वेषपूर्ण भावना को दर्शाता है। मंत्रियों ने कहा कि भाजपा पूर्व में भी झूठी एफआईआर दर्ज कर वीरभद्र सिंह को फंसाने के असफल प्रयास कर चुकी है।

इस बार भी वे बेदाग साबित होंगे। मंत्रियों ने कहा कि कांग्रेस हाईकमान, प्रदेश कांग्रेस, मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों, कांग्रेस व निर्दलीय विधायकों सहित प्रदेश के लोगों से मिल रहे अपार सहयोग को देख भाजपा बोखलाहट में है और हताश होकर इस प्रकार के ओछे हथकंडे अपना रही है। स्टोक्स और अग्निहोत्री ने कहा कि पूरा संगठन और सरकार वीरभद्र सिंह के साथ है और उनके मामले को कानूनी एवं राजनीतिक तौर पर लड़ा जाएगा ताकि प्रदेश भाजपा की दुर्भावना एवं दोहरे चरित्र को लोगों के सामने लाया जा सके।
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क्या पूर्व मुख्यमंत्री को लोकतंत्र पर विश्वास नहीं: नरेश चौहान

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी की ओर से राज्यपाल आचार्य देवव्रत को ज्ञापन सौंपकर प्रदेश सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश में लोगों की ओर से लोकतांत्रिक तरीके से चुनी हुई पूर्ण बहुमत के साथ मजबूत कांग्रेस सरकार है।

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता नरेश चौहान ने कहा कि भाजपा के नेता खासकर पूर्व मुख्यमंत्री प्रेमकुमार धूमल बार-बार इस बात को दोहराते रहे हैं कि प्रदेश सरकार कुछ दिनों में गिर जाएगी और प्रदेश में दोबारा चुनाव होंगे। क्या भाजपा नेताओं और पूर्व मुख्यमंत्री को भारत के लोकतंत्र पर विश्वास नहीं है?

उन्होंने कहा कि 2012 के विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता ने भाजपा को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाकर कांग्रेस को पूर्ण बहुमत के साथ सत्ता में लाया है, इस हार को भारतीय जनता पार्टी आज तक नहीं पचा पाई है और हताशा में इस तरह की गतिविधियां कर रही है।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को प्रदेश की जनता के फैसले को स्वीकार करते हुए प्रदेश में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभानी चाहिए और लोकतंत्र का सम्मान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के लिए भाजपा के नेताओं द्वारा कुछ कांग्रेस के विधायकों के संपर्क में होने की बेबुनियादी अफवाहें फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि सभी जानते हैं कि प्रदेश में कांग्रेस पार्टी और विधायक एकजुट हैं।
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