भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि कांग्रेस को अपने नेताओं के भाजपा में जाने का डर सता रहा है, इसलिए आनन-फानन में कार्यकारिणी की घोषणा की है।
भाजपा प्रदेश प्रभारी अविनाश राय खन्ना ने कहा कि कांग्रेस को एक संगठन की अहमियत का पता नहीं है, इसलिए उन्होंने एक अध्यक्ष और चार कार्यकारी अध्यक्षों की घोषणा की है। उन्हें लगता है कि कांग्रेस को अपने ही अध्यक्ष पर संशय है। पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी को कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाने से परिवारवाद का बड़ा उदाहरण कांग्रेस ने जनता और अपने कार्यकर्ताओं के बीच रखा है।
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इससे यह तो पता चल गया है कि कांग्रेस में एक कार्यकर्ता कभी बड़ा नेता नहीं बन सकता है। कांग्रेस को अपने नेताओं के भाजपा में जाने का डर सता रहा है, इसलिए आनन-फानन में कार्यकारिणी की घोषणा की है। इन परिस्थितियों में एक अध्यक्ष अपना निर्णय कैसे ले सकेगा, यह सोचने की बात है। आदर्श संगठन में एक ही अध्यक्ष शोभनीय होता है। इस बार कांग्रेस की सारी कार्यकारिणी दिल्ली से ही घोषित हुई है।
ऐसा पहली बार हुआ है कि एक राजनीतिक दल के अध्यक्ष को उसके पदाधिकारियों को चुनने का भी अवसर प्राप्त नहीं हुआ है। जिस प्रकार देश और प्रदेश में डबल इंजन की सरकार चल रही है, उसकी गति के आगे कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दल टिक नहीं पाएंगे। भाजपा की जीत निश्चित है और हमारा मिशन रिपीट पक्का है।