मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने सभी विभागों को निर्देश दिए थे कि वह चार्जशीट के अपने अपने विभागों से संबंधित आरोपों की जांच कर टिप्पणी भेजे। हाल ही में मुख्य सचिव विनीत चौधरी ने भी सभी विभागों के सचिवों के साथ बैठक कर टिप्पणी भेजने के सख्त निर्देश दिए थे।
डेढ़ दर्जन से ज्यादा विभागों ने अपनी टिप्पणियां भेज दीं, लेकिन राजस्व और पशुपालन विभाग ने टिप्पणी नहीं भेजी। सूत्रों की मानें तो दोनों विभागों को यह नहीं समझ आ रहा है कि वह क्या करें।
दरअसल, अगर विभाग आरोपों से संबंधित दस्तावेज भेजते हैं तो विजिलेंस उनकी जांच करेगी और इससे सरकार की किरकिरी हो सकती है। यही वजह है कि अनिल शर्मा पर लगे आरोपों ने विजिलेंस की जांच को उलझा दिया है।