हिमाचल विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और भाजपा ने बागियों पर कार्रवाई करने का मन बना लिया है। कांग्रेस ने प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे बागियों को दो दिन का अल्टीमेटम दिया है।
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इसके बाद पार्टी हाईकमान कार्रवाई कर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएगा। वहीं, भाजपा ने भी शनिवार को पार्टी की बैठक बुलाई है। इसमें बगावत करने वालों पर कार्रवाई करने का फैसला लिया जाएगा।
उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस ने बागियों को मनाने की पूरी कोशिश की है, जिसमें काफी हद तक सफलता मिली है। शाहपुर में मेजर विजय सिंह मनकोटिया को छोड़ वे अन्य सभी नेताओं से मिले।
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उनसे पार्टी हित में नाम वापस लेने का आह्वान किया, लेकिन सात सीटों पर बागी उम्मीदवार बैठने को राजी नहीं हुए हैं। इसकी रिपोर्ट आलाकमान को दे दी है। दो दिन में सभी बागियों पर निर्णय लिया जाएगा। वे शुक्रवार को सोलन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे।
एक हफ्ते में आएगा कांग्रेस का घोषणापत्र
उन्होंने कहा कि नालागढ़ से हरदीप सिंह बावा, शिमला शहरी से हरीश जनारथा, द्रंग से पूर्ण चंद ठाकुर, कुल्लू से रेणुका डोगरा, लाहौल से राजेंद्र करपा, ऊना से राजीव गौतम और रामपुर से सिंघीराम पर पार्टी हाईकमान फैसला लेगा। इन सभी को उम्मीदवार का पक्ष लेना चाहिए। अन्यथा सभी को बगावत करने के लिए पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया जा सकता है।
हरीश रावत ने कहा कि कांग्रेस एक हफ्ते में अपना घोषणापत्र सार्वजनिक करेगी। इसमें हिमाचल के विकास, रोजगार और सेब बागवानों को राहत जैसी बातें शामिल होंगी। यह सिर्फ घोषणापत्र नहीं होगा, बल्कि कांग्रेस सरकार बनने पर इस पर पूरी तरह से अमल किया जाएगा। हाईकमान
पहले मोदी सवाल पूछते थे और अब लोग : रावत
हरीश रावत ने कहा कि केंद्र सरकार पिछले तीन साल से न्यूजीलैंड से सेब की खरीद कर रही है। विपक्ष इस पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने की मांग करता रहा है, लेकिन मांग को केंद्र ने अनसुना कर दिया। बाहरी देशों से सेब आयात होने से हिमाचल समेत अन्य पहाड़ी राज्यों में बागवान प्रभावित हो रहे हैं। पहाड़ी राज्यों को विशेष श्रेणी का दर्जा नहीं दिया गया है। कहा कि पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों से सवाल पूछते थे, लेकिन अब लोग उनसे सवाल पूछने लग पड़े हैं। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस की हार पर उन्होंने कहा था कि यह मोदी मैजिक और ईवीएम मैजिक का नतीजा है, लेकिन ईवीएम मैजिक को वीपीपैट ने खत्म कर दिया है और मोदी मैजिक को लोग खत्म कर रहे हैं।
पार्टी के लिए मुसीबत बने बागियों को बाहर करेगी भाजपा
वहीं भाजपा की मुसीबत बन बैठे बागियों को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने की तैयारियां शुरू हो गई हैं। इसको लेकर शनिवार को पार्टी कार्यालय में भाजपा की बैठक बुलाई गई है। भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों से टिकट कटने से नाराज बागी नेता चुनाव मैदान में डटे हैं।
हाईकमान ने 26 अक्तूबर तक इन नेताओं से अपने नाम वापस लेने को कहा था। इस पर अधिकांश बागियों ने अपना नामांकन वापस लिया है, जबकि भाजपा में 6 और कांग्रेस में 7 बागी नेता अभी भी चुनाव मैदान नहीं छोड़ रहे हैं।
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने भी बागियों को मनाने की कोशिश की, लेकिन ये नेता वरिष्ठ नेताओं की भी नही सुन रहे हैं। भाजपा में पालमपुर, फतेहपुर, रेणुका और चंबा में बागी नेता चुनाव मैदान से हटने को तैयार नहीं हैं।
बागियों पर दोनों दलों का बयान
भाजपा से बागी नेताओं को समझाया गया है। इनमें से अधिकांश भाजपा नेताओं ने नामांकन वापस लिया है, लेकिन कई नेता मैदान छोड़ने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में पार्टी की ओर से इन्हें निष्कासित किया जाना संभव है। - महेंद्र धर्माणी, प्रदेश चुनाव मीडिया प्रभारी
पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरे बागी नेताओं को कांग्रेस प्रत्याशियों के पक्ष में काम करने का मौका दिया गया है। अगर ऐसा नहीं करते हैं तो निष्कासन संभव है। - नरेश चौहान, महासचिव, प्रदेश कांग्रेस पार्टी
लाहौल कांग्रेस ने पूर्व विधायक समेत चार बागी किए निष्काषित
लाहौल-स्पीति कांग्रेस ने पूर्व विधायक समेत चार कांग्रेस पदाधिकारियों को बगावत करने पर पार्टी से निष्काषित कर दिया है। जिला प्रवक्ता एवं प्रदेश पंचायतीराज महासचिव अनिल सहगल ने इसकी पुष्टि की है।
जिलाध्यक्ष ज्ञाल्सन ठाकुर ने बतौर आजाद उम्मीदवार मैदान में उतरे पार्टी के पूर्व यूथ अध्यक्ष एवं पूर्व उपाध्यक्ष राजेंद्र करपा के साथ उनके समर्थन में खड़े पूर्व विधायक एवं प्रदेश वूल फेडरेशन के अध्यक्ष ठाकुर रघुबीर सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष रबतन बोध और पूर्व टीएसी मेंबर ध्यान सिंह ठाकुर की सदस्यता रद्द कर दी है।