दरअसल द्वारकेश को पढ़ाई में दिलचस्पी नहीं थी लेकिन परिजन चाहते थे कि वह पढ़े। परिजनों के सामने अपनी क्षमता को साबित करना चाहता था। इस वजह से उसने एक ऐसा रास्ता चुना जिसकी कल्पना पुलिस ने भी नहीं की थी। घर से कॉलेज निकलने की बात कहकर वह शिमला भाग आया और यहां नौकरी के लिए उसने एक होटल में संपर्क किया।
इसके बाद होटल में बर्तन धोने का काम करने लगा। वहीं गुजरात पुलिस युवक को तलाश करती रही लेकिन इसका कोई पता नहीं चला। इसी बीच शिमला से आए एक होटल मैनेजर के फोन ने मामले को नया मोड़ दे दिया। होटल मैनेजर ने बताया कि 19 साल का एक युवक उनके होटल में बर्तन धोने का काम कर रहा है।