मुहाणा गांव में 95 वर्षीय बिमला देवी व उसके दो बेटे एक ही स्लेटपोश मकान में रहे हैं। यह दो परिवार अलग-अलग हैं। इनका मकान बारिश के कारण जर्जर हो गया है। मकान कभी भी ढह सकता है, जिस कारण कोई बड़ा हादसा हो सकता है। इस मकान के भीतर बिमला देवी और उसके दोनों बेटे अपने परिवार के साथ रहते हैं। बड़े बेटे के साथ उसकी पत्नी व तीन बच्चे रहते हैं, जबकि छोटे बेटे के साथ उसकी पत्नी व दो बच्चे रहते हैं। मकान की जर्जर हालत को देखते हुए सोमवार को पंचायत प्रधान व वार्ड सदय मौके पर पहुंचे। जहां पर इन लोगों को दूसरी जगह शिफ्ट करने के लिए जगह चयनित की गई, लेकिन प्रधान के कहने पर भी परिवार के सदस्य दूसरी जगह जाने को तैयार नहीं हुए।
प्रधान ने नायब तहसीलदार को इस बारे जानकारी दी। नायब तहसीलदार प्यारेलाल, कानूनगो, पटवारी अन्य पंचायत सदस्य व ग्रामीण मौके पर पहुंचे। लोगों को समझाने का प्रयास किया ताकि दूसरी जगह इनको ठहराया जा सके। करीब सात घंटे समझाने के बाद भी जब यह लोग नहीं माने तो पुलिस को मौके पर बुलाया गया। पुलिस ने सभी सदस्यों को दूसरी जगह शिफ्ट किया। नायब तहसीलदार प्यारे लाल ने बताया कि काफी प्रयासों के बाद इन सभी लोगों को शिफ्ट किया गया है। फौरी राहत के तौर पर पांच-पांच हजार रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।