हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर जिले के उपमंडल सदर की दयोथ पंचायत के भजूण गांव की कत्था फैक्टरी से तरल कत्था गंभरोला खड्ड में बहने की मामले की उपायुक्त की ओर से गठित कमेटी ने जांच शुरू कर दी है। छह सदस्यीय कमेटी ने शनिवार को फैक्टरी का दौरा किया। फैक्टरी से तरल कत्था और उसमें पड़ने वाले टैनिन घटकों के सैंपल लिए।
साथ ही फैक्टरी के पास खड्ड से भी पानी के सैंपल लिए हैं। इस सैंपल को लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि रिपोर्ट में कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो फैक्टरी मालिक पर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा फैक्टरी मालिक के भी बयान दर्ज किए हैं। फैक्टरी मालिक ने घटना कैसे हुए इस बारे में कमेटी को तथ्य दिए हैं। वहीं मत्स्य विभाग की जांच में अभी तक कत्था युक्त खड्ड के पानी से जलीय जीवों को किसी तरह के नुकसान होना नहीं पाया गया है।
पशुपालन विभाग को अभी तक दूषित खड्ड के पानी से किसी पशु को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं मिली है। जल शक्ति विभाग के पास भी क्षेत्र से कोई शिकायत नहीं आई है। कमेटी अभी फिर से फैक्टरी का दौरा करेगी। बता दें कि भजूण गांव स्थित कत्था फैक्टरी की वीरवार को टंकी फट गई थी।
टंकी में रखा करीब 2 हजार लीटर तरल कत्था गंभरोला खड्ड में मिल गया। इससे कई घंटों तक खड्ड में लाल रंग का पानी बहता रहा है। बाद में पानी गोबिंद सागर झील में मिल गया। घटना की जांच के लिए उपायुक्त की ओर से विभागों के अधिकारियों की छह सदस्यीय कमेटी गठित की गई। कमेटी को सात दिन में रिपोर्ट जमा करानी है।