आग लगने से राख हुईं झुग्गियां।
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बाबा बालक नाथ जी की तपोभूमि शाहतलाई में भीषण आग लगने से एक दुकान का सामान और सात झुग्गियां जल कर राख हो गईं। घटना में करीब 11 लाख रुपये का नुकसान होने का अनुमान लगाया गया है। घटना में प्रवासी मजदूरों के बच्चों की किताबों सहित सभी दस्तावेज भी जल गए। बुधवार दोपहर 12.20 पर सरहयाली पुल के समीप प्रवासी मजदूरों की झुग्गियों से धुंआ निकलने लगा। देखते ही देखते आग इतनी तेजी से फैली की सात झुग्गियां जल कर राख हो गईं।
आग की चपेट में एक दुकान भी आई। हालांकि सरहयाली पुल पर तैनात सुरक्षा बलों के जवानों ने दुकान के अंदर रखे गैस सिलिंडर को निकाल लिया। इससे एक बड़ा हादसा होने टल गया। हालांकि दुकान के अंदर रखा सारा सामान जल गया। दुकानदार अनिता ने बताया की वह अपनी बेटी के साथ दुकान के अंदर काम कर रही थी की अचानक देखा कि प्रवासियों की झुग्गियों से धुआं निकल रहा है।
आग इतनी तेज फैल गई कि दुकान से भी कोई समान नहीं निकाल पाई। उसकी आज तक की सारी कमाई और चैत्र मेलों के लिए जो सामान खरीद कर रखा था, वह भी जल कर राख हो गया। प्रवासी नरेश कुमार, राम बाबू, रीता देवी, मुन्नी देवी, फुलो साहनी, भरत साहनी, बलेसर साहनी ने बताया की वह दिहाड़ी मजदूरी करते हैं। सुबह ही काम पर चले गए। झुग्गियों में खाने, पहनने के साथ नकदी और बच्चों की किताबें, आधार कार्ड, बैंक की कॉपियां, जल कर राख हो गए।
उन्हें करीब एक-एक लाख का नुकसान हो गया है। उधर मेला अधिकारी और झंडूता के नायब तहसीलदार जगदीश चंद ने मौके पर जाकर अग्निकांड पीड़ितों से मिले। उन्हें आश्वासन दिया कि सरकार की तरफ से शीघ्र ही सहायता की जाएगी। हल्का पटवारी को मौके पर जाकर पीड़ितों को अग्निकांड से हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार करने को कहा गया है। उधर, तलाई थाना प्रभारी अमीता चौधरी ने कहा कि पुलिस ने मामला दर्ज कर आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है।