बायोसाइंसेज एंड रिसर्च सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. अमित कुमार और डॉ. विकेश कुमार
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दुनिया में प्लास्टिक सामग्री की वार्षिक खपत लगातार बढ़ रही है। वैश्विक वैज्ञानिकों के अनुसार 2025 तक एशिया में प्लास्टिक की खपत 80 फीसदी बढ़कर 200 मिलियन टन को पार कर जाएगी। 2050 तक दुनिया के महासागरों में मछली की तुलना में अधिक प्लास्टिक होगा। अधिकांश प्लास्टिक पैकेजिंग के लिए उपयोग किए जाते हैं।
खाद्य पदार्थों की पैकिंग के लिए उपयोग की जाने वाली पारंपरिक प्लास्टिक फिल्म पैकेजिंग सामग्री पर्यावरण प्रदूषण उत्पन्न करती है। पर्यावरण प्रदूषण में वृद्धि के कारण हिमाचल ने देश में सबसे पहले प्लास्टिक बैग के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया है।