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Shimla: बोर्ड अध्यक्ष का वेतन 30 हजार से 1.30 लाख करने के मुद्दे पर गरमाई सियासत

Sat, 31 Aug 2024 08:43 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि भवन निर्माण और कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के मानदेय में चार गुना से अधिक बढ़ोतरी कर दी है।
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पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने सोशल मीडिया पर वायरल अधिसूचना का हवाला देते हुए कहा कि भवन निर्माण और कामगार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष के मानदेय में चार गुना से अधिक बढ़ोतरी कर दी है। जो मानदेय पहले की सरकार में मात्र 30 हजार था, उसे अपने मित्रों के लिए मुख्यमंत्री ने बढ़ाकर एक लाख तीस हजार कर दिया है। इसी तरह सीपीएस, एडवाइज़र, ओएसडी और चेयरमैन को रेवड़ियों की तरह कैबिनेट रैंक बांटे गए हैं। कायदे कानूनों को ताक पर रखकर सुविधाएं दी जा रही है।

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जयराम ठाकुर ने कहा है कि सरकार के इन्हीं फैसलों के कारण आज प्रदेश की वित्तीय स्थिति बदहाल हुई है। उधर, पूर्व मंत्री और भाजपा विधायक सुधीर शर्मा ने ने भी मानदेय 30 हजार से बढ़ाकर एक लाख 30 हजार करने संबंधित पोस्ट अपने फेसबुक अकाउंट पर शेयर की है। सुधीर ने लिखा है, वो भी इक दौर था जब इमरान खान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री थे और यह भी एक दौर है। सीटू के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र मेहरा ने लिखा है, जनता के लिए आर्थिक संकट का रोना रोने वालों ने चहेतों का वेतन एक लाख बढ़ाया। हालांकि बोर्ड अध्यक्ष नरदेव कंवर का कहना है कि उन्हें मासिक 30 हजार रुपये ही मानदेय मिल रहा है। मानदेय में एक लाख रुपये बढ़ोतरी को लेकर जारी अधिसूचना पर उन्होंने अनभिज्ञता जताई।

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भाजपा प्रदेश महामंत्री बिहारी लाल शर्मा ने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के कैप्टन और प्लेइंग इलेवन प्रदेश की कमजोर वित्तीय स्थिति का रोना रोते हैं, दूसरी ओर उनके कैप्टन एक्स्ट्रा प्लेयर के लिए जगह बनाते हैं। एक सरकारी अधिसूचना में बोर्ड अध्यक्ष का मानदेय 30 हजार से 1.30 लाख कर दिया। यह सरकार का दोहरा चेहरा चरित्र दिखाता है।

उन्होंने कहा कि एक जगह कांग्रेस के मुख्यमंत्री वेतन छोड़ने की बात करते हैं और दूसरी ओर अपने खास मित्र के लिए सैलरी बढ़ाते हैं, यह कांग्रेस के दोहरे चरित्र को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि 6 संसदीय सचिव, 10 से अधिक कैबिनेट रैंक वाले दोस्त, 100 से ज्यादा चेयरमैन, वाइस चेयरमैन, मेंबर, एजी और कई मित्रों की एडजसमेंट इस सरकार की फिजूलखर्ची की ओर इशारा करता है। 
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