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आईएएस संजय गुप्ता पर सरकार मेहरबान, एक और केस में राहत

Sun, 16 Oct 2016 12:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में किन्नौर के पाइप खरीद मामले के बाद अवैध वसूली के केस में भी आईएएस संजय गुप्ता को सरकार ने बड़ी राहत दी है। सोलन के परवाणू में सात साल पुराने अवैध वसूली मामले में भी संजय गुप्ता के खिलाफ मुकदमा नहीं चलेगा।
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पूर्व भाजपा सरकार के कार्यकाल में इस केस में संजय गुप्ता गिरफ्तार भी हुए थे। विजिलेंस ब्यूरो में अब जांच पूरी होने के बाद कोर्ट में चालान पेश कर दिया है। इसमें संजय गुप्ता आरोपी नहीं बनाए गए हैं। विजिलेंस ने उन्हें कोर्ट में पेश चालान में खाना नंबर 12 में रखा है।

ऐसा इसलिए किया है, क्योंकि भारत सरकार ने उनके खिलाफ अभियोजन मंजूरी देने से इनकार किया है। विजिलेंस में इस मामले का चालान तैयार करने वाली जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक श्वेता ठाकुर ने इसकी पुष्टि की है।
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प्रधान सचिव परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा संजय गुप्ता को वर्ष 2009 में विजिलेंस ब्यूरो ने परवाणू में गिरफ्तार किया था। उस समय वह एचपी जीआईसी के एमडी थे और उनके पास हिमाचल वित्त निगम का कार्यभार भी था।
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दो लाख की अवैध वसूली के आरोप में हुई थी गिरफ्तारी

विजिलेंस ने गिरफ्तारी के समय उन पर करीब दो लाख रुपये की अवैध वसूली के आरोप लगाए थे। वसूला गया पैसा भी बरामद करने का दावा किया था, लेकिन यह वसूली विजिलेंस जांच में पूरी तरह से सही साबित नहीं हो पाई।

भारत सरकार को यह जांच रिपोर्ट भेजी गई तो वहां से अभियोजन मंजूरी देने से इनकार कर दिया गया। इसके बाद सोलन स्थित विजिलेंस थाने में उनके खिलाफ भ्रष्टाचाररोधी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।

इस मामले में उनके अलावा एचपी जीआईसी के तत्कालीन प्लांट मैनेजर अशोक सहगल, झाड़माजरी में एचपीएफसी के उस समय के उप प्रबंधक जीसी चोपड़ा और एक स्थानीय होटल के प्रबंधक अवनीश भल्ला को भी आरोपी बनाया गया।

वर्तमान में कोर्ट में चालान इन तीनों आरोपियों के खिलाफ ही बनाया गया है। भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 8 में आरोप पत्र को बनाकर सोलन के विशेष न्यायाधीश विजिलेंस की अदालत में पेश किया गया है।

आय से अधिक संपत्ति का मामला भी खत्म करने की तैयारी
आईएएस अधिकारी संजय गुप्ता के खिलाफ किन्नौर में पाइप खरीद मामले में पहले ही सरकार ने अभियोजन मंजूरी नहीं दी है। अवैध वसूली मामले में भी उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया है। अब उनके खिलाफ धूमल सरकार के कार्यकाल में दर्ज किए गए एक अन्य आय से अधिक संपत्ति के मामले को भी खत्म करने की तैयारी चल रही है।
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