सीबीआई जांच में पाया कि कुछ अधिकारियों की मिलीभगत से पंजाब, हरियाणा और यूपी की चार फर्मों ने गोलमाल किया है। इनमें एक फर्म पंजाब के नंगल, दूसरी रोपड़, तीसरी यूपी के बरेली और चौथी हरियाणा के पंचकूला की है।
इन फर्मों के खिलाफ आईपीसी की धाराओं 120बी, 420, 467, 468, 471 और 477 सी के अलावा भ्रष्टाचार रोधी अधिनियम की धारा 13(1) के तहत चार्जशीट दायर की जा रही है। इन फर्मों को खाद की आंतरिक हैंडलिंग, डीस्केलिंग, क्लीनिंग आदि का काम दिया गया।
मजदूरों के फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमा किए
आरोपी फर्मों ने मजदूरों के फ र्जी दस्तावेज तैयार कर जमा किए। मजदूरों की वास्तविक हाजिरी ज्यादा थी, जबकि फर्जी दस्तावेजों में कम हाजिरी दिखाई गई। उनका मेहनताने के अनुरूप उनके भविष्य निधि खाते में पैसा जमा नहीं किया। उन्हें दिहाड़ी का पैसा भी कम दिया गया। इसमें लाखों रुपये के गोलमाल की बात सामने आई है।