बैंक के एमडी केके सरोच ने बताया कि कर्मचारियों को बोनस (एक्स ग्रेशिया) बैंक के नेट प्रॉफिट पर देना था, लेकिन पिछले वर्ष एक्स ग्रेशिया ग्रॉस प्राफिट पर दे दिया था। ऑडिट रिपोर्ट में इस गड़बड़ी का पता चला।
इसके बाद रजिस्ट्रार कोआपरेटिव सोसाइटी के निर्देश मिलने के बाद अब कर्मचारियों से ज्यादा दिए गए एक्स ग्रेशिया की रिकवरी हो रही है। पिछले वर्ष कर्मचारियों को करीब 4.5 करोड़ रुपये एक्स ग्रेशिया दिया था। इसमें से 1.92 करोड़ रुपये की रिकवरी पांच किस्तों में हो रही है।
शुरू से ग्रॉस प्रॉफिट पर मिलता है बोनस : शरत
केसीसी बैंक कर्मचारी यूनियन के अध्यक्ष शरत रलहान ने बताया कि बैंक प्रबंधन शुरू से ग्रॉस प्रॉफिट के तहत एक्स ग्रेशिया कर्मचारियों को देता आया है। नेट प्रॉफिट पर बोनस देने से कर्मचारियों को डबल टैक्स देना पड़ेगा। बोनस हमेशा ग्रॉस प्राफिट पर ही दिया जाता है। कर्मचारियों से रिकवरी गलत है।