आरोप है कि इन अधिकारियों ने पांवटा के बेहराल बैरियर पर ड्यूटी के दौरान इंडियन टेक्नोमैक कंपनी जगतपुर के जाली बिलों का इंद्राज कंपनी प्रबंधन से पैसे लेकर किया है। इस वजह से कंपनी ने इतना बड़ा फ्रॉड किया है। आरोपियों ने यह पैसा किन-किन अधिकारियों को दिया है, इस संबंध में पूछताछ की जानी है। सीआईडी की अभी तक की जांच में पाया है कि कंपनी के लिए कोई कच्चा माल बाहर से आता था तथा तैयार माल बाहर जाता था। जो बेहराल बैरियर पर उसका इंद्राज किया जाता था तथा बैरियर पर फॉर्म काटा जाता था तथा फॉर्म पर उस समय ड्यूटी पर तैनात आबकारी निरीक्षक की मुहर लगती थी। आबकारी विभाग के निरीक्षकों की यह मुहर भी नहीं मिल रही है।