कांगड़ा, ऊना और शिमला में रेल यातायात भी सुचारु रहा। सूबे में कहीं से भी हिंसा की कोई सूचना नहीं है। जिला बिलासपुर में व्यापार मंडल की अगवाई में दुकानदारों ने स्वारघाट बाजार को बंद रखा।
व्यापारियों ने शांतिपूर्ण ढंग से रैली निकाल जातिगत आरक्षण को खत्म करने के लिए जोरदार नारेबाजी भी की। हमीरपुर में सलौणी, कांगड़ा के परागपुर कस्बे को छोड़कर सभी जगह दुकानें खुली रहीं।
सिरमौर जिले के राजगढ़, नौहराधार और संगड़ाह में बाजार बंद रहे, जबकि पांवटा और नाहन बाजार खुले रहे। जिला मुख्यालयों में विभिन्न संगठनों ने जिला प्रशासन के माध्यम से आरक्षण के खिलाफ ज्ञापन भेजे।