उपमंडल के अंतर्गत शिलादेश, लड़ोट, धमवाड़ी, टिक्करी, देनवारी, सिंदासली, शिरोली, कुलगांव, खाबल, बुटाड़ा, गावणा, कुटाड़ा, भमनोली में ओले गिरे। इसके अतिरिक्त कोटखाई क्षेत्र के बखोल, जारू, चकुना में भी भारी ओलावृष्टि हुई है।
उद्यान विकास अधिकारी चिड़गांव डॉ. कुशाल मेहता ने बताया कि मंगलवार दोपहर के समय आधा दर्जन से अधिक गांव में ओलावृष्टि हुई है। इससे सेब की फ्लावरिंग प्रभावित हुई है। सेब की फसल को करोड़ों रुपये की क्षति हुई है।
बागवानी विभाग नुकसान का आकलन कर रहा है। कोटखाई के विषय वाद विशेषज्ञ धर्मवीर काल्टा ने बताया कि कोटखाई के बखोल, जारू, चकुना में ओलावृष्टि से काफी नुकसान हुआ है। क्षति का आकलन किया जा रहा है।
सराज विस क्षेत्र की दुर्गम कल्हणी पंचायत में छह कमरों का मकान तूफान से तहस-नहस हो गया है। जिससे दो परिवारों के सिर से छत छिन गई है। बताया जा रहा है कि जब यह हादसा पेश आया तो परिवार के सभी सदस्य घर पर ही थे।
जब एकाएक घर की छत ढहने की आवाज आई तो परिवार के सभी सदस्य बाहर निकल गए। जिससे वह बाल-बाल बच गए। हादसे से प्रभावित परिवार को दस लाख से अधिक की संपत्ति का नुकसान हो गया है।
स्थानीय प्रशासन ने प्रभावितों को राहत राशि प्रदान की है। जानकारी के अनुसार दो भाइयों नारायण सिंह और जीवानंद समेत परिवार के नौ सदस्य पुश्तैनी मकान में जीवन यापन कर रहे थे।
हादसे के दौरान परिवार के सदस्य खाना खाकर सोने जा रहे थे कि इसी दौरान अचानक तूफान के दौरान मकान की छत क्षतिग्रस्त हो गई और देखते ही देखते मकान की दीवारें तक ढह गई।
प्रभावित जीवानंद ने कहा कि अचानक जब छत गिरने की आवाज आई तो उन्होंने परिवार के सभी सदस्यों को घर से बाहर निकाल दिया। इससे पहले की वह घर से सामान निकाल पाते मकान की दीवारें भी ढह गईं और अंदर रखा सामान भी बर्बाद हो गया।
प्रधान ग्राम पंचायत कल्हणी खूब राम ने बताया कि उन्होंने घटनास्थल पर जाकर नुकसान का आकलन किया। दोनों पीड़ितों का लगभग 10 लाख का नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से प्रभावित परिवार के लिए मुआवजे की मांग की है।
एसडीएम थुनाग सुरेंद्र मोहन ने कहा कि पटवारी ने घटनास्थल का दौरा किया है। उन्होंने बताया कि पीड़ित दो परिवारों को पांच हजार की राशि सहित दो तिरपाल भी दिए गए हैं।