केंद्र सरकार कोशिश में है कि बिलासपुर तक इस परियोजना को 2024 में ही पूरा कर दिया जाए, ताकि लोकसभा चुनाव तक यहां ट्रेन पहुंच सके। टनलों में स्लैब और 20 किलोमीटर तक बन रहे पुलों का कार्य पूरा होने के बाद इसमें ट्रैक बिछाने के लिए टेंडर जारी होगा। इसमें 10 किलोमीटर पंजाब और 10 किलोमीटर ट्रैक हिमाचल प्रदेश के क्षेत्र में बिछना है।
ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ने डिजाइन किया है गिट्टी रहित ट्रैक
परियोजना की टनलों में गिट्टी रहित ट्रैक ऑस्ट्रेलिया की कंपनी ने डिजाइन किया है। इसके कंपोनेंट की टेस्टिंग जर्मनी से हुई है। गिट्टी रहित या स्लैब ट्रैक बिछाने का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि इससे टनल के अंदर के ट्रैक का रखरखाव मुफ्त होगा। इस ट्रैक में गिट्टी वाले ट्रैक की तरह टनल के अंदर नमी भी नहीं होगी।
भानुपल्ली से धरोट तक बन रही सात टनलों में ट्रैक के लिए स्लैब बिछाने का कार्य जोरों पर है। 1-4 नंबर टनल तक कार्य पूरा हो चुका है। इनकी कुल लंबाई ढाई किलोमीटर है। तीन टनल में करीब चार किलोमीटर पर स्लैब बिछाने का कार्य शुरू किया गया है, इसे अक्तूबर तक पूरा कर लिया जाएगा। - अशफाक हुसैन अंसारी, संयुक्त महाप्रबंधक, रेल विकास निगम