दो दिन तक देशभर के कलाकार देंते प्रस्तुतियां संवाद न्यूज एजेंसी
शिमला। राजधानी के ऐतिहासिक गेयटी थियेटर में शुक्रवार को 17वां गीतांश उत्सव और अखिल भारतीय नृत्य-संगीत प्रतियोगिता शुरू हो गई। पहले दिन जींद जान भांगड़ा फोक अकादमी के कलाकारों ने पंजाबी डांस की प्रस्तुति से सभागार में रंग जमाया।
कार्यक्रम का आयोजन गीता आर्ट्स, एक्ट एंड नृत्य एसोसिएशन (गाना) और रवींद्र निकेतन कालीबाड़ी द्वारा किया गया। इस अवसर पर राज्य कर एवं आबकारी विभाग की सहायक आयुक्त पूनम ठाकुर ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की। राजभाषा एवं संस्कृति विभाग और छत्तीसगढ़ के सांस्कृतिक समन्वय से आयोजित इस महोत्सव में दो दिन तक देशभर के कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। पहले दिन देशभर के विभिन्न जिलों से आए प्रतिभागियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां दी जिसमें ध्रुव शर्मा ने नाटी, युवराज सिंह ने पंजाबी फोक, आराध्या, नित्या, रितिका और अक्षनी ने कथक की प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के संयोजक पीपी विश्वास ने कहा कि गीतांश उत्सव केवल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, कला और प्रतिभाओं को एक मंच पर जोड़ने का प्रयास है। गीता आर्ट्स एंड नृत्य एसोसिएशन भिलाई (छत्तीसगढ़) द्वारा आयोजित इस सांस्कृतिक महोत्सव में कला साहित्य अकादमी छत्तीसगढ़ (कवच) की विशेष सहभागिता भी उल्लेखनीय रही। विश्ववास ने कहा कि शनिवार को स्थानीय शिमला और आसपास के कलाकार स्पॉट रजिस्ट्रेशन कराकर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं। इससे स्थानीय प्रतिभाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच पर अपनी कला प्रस्तुत करने का सुनहरा अवसर मिलेगा। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में किशोर शर्मा और कार्यक्रम के सचिव रूपक दत्ता मौजूद रहे।